शिवपुरी: पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम जाखनौद में स्थित एक कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों द्वारा बेचे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित शासकीय शिक्षक ने सब रजिस्ट्रार सहित पोहरी थाना को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
धार जिले के रहने वाले शिकायतकर्ता शिक्षक धनसिंह के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2012 में ग्राम जाखनौद में स्थित सर्वे नंबर 390 (1.83 हेक्टेयर) और 393 (0.90 हेक्टेयर) की 0.70 हेक्टेयर भूमि विधिवत रजिस्ट्री कराई थी, जिसका नामांतरण भी उनके नाम दर्ज हो चुका था। लेकिन उनके स्थानांतरण का फायदा उठाकर धनीराम पुत्र हरिया आदिवासी और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उक्त भूमि को तेजा आदिवासी के नाम विक्रय कर दिया।
धनसिंह का आरोप है कि इस फर्जी रजिस्ट्री के लिए धनीराम ने अपने आधार कार्ड में छेड़छाड़ की और खुद को धनसिंह बताकर विक्रेता के रूप में प्रस्तुत किया। इतना ही नहीं, असली विक्रय पत्र में जहां उनके हस्ताक्षर अंग्रेजी में दर्ज हैं, वहीं फर्जी दस्तावेज में अंगूठे का निशान लगाया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पूरे षड्यंत्र में दो लोग और एक सेवा प्रदाता सिमरन खान भी शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और प्रार्थी की भूमि का अवैध विक्रय कराया।शिक्षक ने थाना प्रभारी सहित सब रजिस्ट्रार से मामले की गहन जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले सब रजिस्ट्रार प्राची जैन का कहना हैं कि फर्जी रजिस्ट्री के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई हैं। इस मामले उनके द्वारा पोहरी थाना में जांच की कार्यवाही के लिए लिखा गया हैं साथ ही उसकी प्रतिलिपि कलेक्टर के पास भी भेजी गई हैं।







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