शिवपुरी। आमोलपठा चौकी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक नर्स ने फांसी लगा ली। बताया जाता है कि नर्स डिप्रेेशन का शिकार थी और इसी से परेशान होकर उसने यह बड़ा कदम उठाया। वहीं नर्स ने एक सुसाइट नोट भी लिखा जिसमें खुद को बीमारी के चलते डिप्रेेशन का शिकार होना बताया।
अामोलपठा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्स राममूर्ति पत्नी मुकेश यादव का लाश शासकीय आवस में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जहां जब जांच-पड़ताल की तो पुलिस को एक सुसाइट नोट बरामद हुआ। पुलिस ने लाश को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बताया जाता है कि नर्स के यहां एक बेटा और एक बेटी है। वह उसके पति मुकेश के पास रहते हैं, जबकि राममूर्ति स्वास्थ्य केंद्र पर बने सरकारी आवास में रहती है। बीमारी के चलते वह कई दिनों से डिग्रेेशन मे चल रही थी। इसके बाद उसने यह कदम उठाया।
यह लिखा था सुसाइट नोट में
नर्स ने सुसाइट नोट में लिखा कि उसकस स्वास्थ्य खराब रहता है। डिप्रेशन इतना बढ़ गया है कि जी नहीं पा रही हूं। मेरे बच्चोें का ख्याल रखना और उनको पढ़ाना। बच्चे जहां रहना चाहे, उन्हें वहां रहने दिया जाए। मुझे किसी से कोई परेशानी नहं है। मेरे पति व सास-सुर सभी अच्छे हैं। मेरी तबीयत सही नहीं रहती है, इसलिए मैं डिप्रेशन में मर रही हूं। मेरा इलाज दिल्ली तक हो गया, लेकिन कोई आराम नहं मिला। बच्चों का ध्यान रखा जाए।






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