शिवपुरी में डेंगू ने एक 12 साल के छात्र की जान ले ली हैं। छात्र की मौत के बाद शिवपुरी जिले में यह पहला केस हैं जिसमें डेंगू से मरीज की मौत हैं। बता दें जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 117 पहुंच चुकी हैं। जिस छात्र की मौत हुई हैं उसे ग्वालियर से एम्स दिल्ली के लिए रैफर किया गया था। लेकिन एम्स दिल्ली पहुंचने के आधा घंटे पहले छात्र ने दम तोड़ दिया। मृतक बालक के पिता ने शिवपुरी के जिला अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
डेंगू ने बुझा दिया इकलौता चिराग
जानकारी के मुताबिक़ शहर के कृष्णपुरम कालोनी के रहने वाले 12 साल के आराध्य त्रिपाठी की डेंगू से मौत हुई हैं। आराध्य त्रिपाठी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था साथ ही वह पढ़ाई में अब्बल रहने वाला अनुशासित होनहार छात्र भी था। आराध्य त्रिपाठी के पिता अभय त्रिपाठी ने बताया कि आराध्य की तबियत 24 अक्टूबर से बिगड़ने लगी थी। उसकी प्राइवेट जांच कराई थी। जिसमे प्लेट्स कम होने की पुस्टि हुई थी। उसे जिला अस्पताल में 26 अक्टूबर की रात 10 बजे भर्ती कराया गया था। यहां से 27 अक्टूबर की रात 8 बजकर 40 मिनिट पर ग्वालियर के कमला राजा हॉस्पिटल के लिए रैफर कर दिया गया था। बेटे की 28 अक्टूबर को डेंगू की जांच की गई थी। 29 अक्टूबर को उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। इसके बाद उसकी हालत में सुधार नही आया था। 3 नंवबर की शाम 5 बजे बेटे को दिल्ली के लिए रैफर कर दिया गया था। रात साढ़े 12 बजे एम्स दिल्ली पहुंच गए थे। लेकिन डॉक्टर आराध्य त्रिपाठी को आधा घंटे दम तोड़ने की बात कहते हुए मौत की पुष्टि कर दी थी।
जिला अस्पताल प्रवंधन पर उपचार में लापरवाही के लगाए आरोप
बच्चे के पिता अभय त्रिपाठी ने जिला अस्पताल प्रवंधन पर उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना हैं कि 20 घंटे करीब बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती रखा गया लेकिन उसकी जांच नहीं कराई गई। ड्यूटी डॉक्टर से भी अनुरोध किया गया था। लेकिन ड्यूटी डॉक्टर ने उपचार में लापरवाही बरती थी। बाद में उसे सीधा ग्वालियर रैफर लिख दिया गया। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ बी एल यादव का कहना हैं कि बच्चे को 26 अक्टूबर की रात बोमेटिंग और लूज इमोशन की बिमारी बता कर भर्ती कराया गया था। 27 अक्टूबर को नर्सिंग स्टाफ की रूटीन जांच में फीबर 101 डिग्री आया था। इसके बाद उसकी CBC जांच कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट 27 की शाम साढ़े 7 बजे आई थी। जिसमें 88 हजार प्लेटस थी और फोलिमोर में गड़बड़ी थी। इसके चलते बच्चे को तक्काल ग्वालियर रैफर करने का फैसला डॉक्टर ने लिया था।
जिले में डेंगू के 117 केस
स्वास्थ्य विभाग शिवपुरी की रिपोर्ट के मुताबिक़ शिवपुरी में डेंगू के मरीजों की संख्या 117 पहुंच गई हैं। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय ऋषेश्वर का कहना हैं कि जिस बच्चे की मौत डेंगू से हुई हैं। उसे क्रिटिकल हाल में ग्वालियर रेफर किया गया था। ग्वालियर के कमलाराजा हॉस्पिटल से दिल्ली एम्स ले जाते वक्त बच्चे की मौत हुई हैं। शिवपुरी जिले में डेंगू से यह पहली मौत हैं।
जिले में इतने डेंगू के मरीज
शिवपुरी शहर – 24
बदरवास – 24
पोहरी – 22
पिछोर – 16
करैरा – 2
खनियाधाना – 2
कोलारस – 10
नरवर – 13
सतनवाड़ा – 4

डेंगू ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग, एम्स ले जाते वक्त 12 साल के बच्चे की हुई मौत, जिले में पहली मौत / Shivpuri News
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