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 बड़ी वजह एल्विश के जमानत पर बाहर आने की: कमजोर हुआ NDPS हटते ही केस; बेल मिली 7 साल से कम सजा का प्रावधान होने पर /उत्तरप्रदेश

नोएडा

एल्विश को अदालत से जमानत मिल गई। ये जमानत 50-50 हजार के दो बेल बॉन्ड पर दी गई। साथ ही ये भी आदेश दिया गया कि अपराध दोबारा नहीं होना चाहिए। ऐसा करने पर जमानत निरस्त कर दी जाएगी।

कयास लगाए जा रहे थे एल्विश को जमानत मिलना मुश्किल है। लेकिन पुलिस डायरी में लूप होल रह गया। जानकारों ने बताया कि एल्विश पर पुलिस ने पहले एनडीपीएस एक्ट के साथ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज किया था।

इन धाराओं में सुनवाई होती तो एल्विश को बेल मिलना मुश्किल था। क्योंकि इसमें एनडीपीएस की धारा-27 और 27ए मादक पदार्थों के ग्रहण करने से लेकर उसके वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए प्रयोग करने और इनके फाइनेंसिंग ट्रैफिक करने वाले अपराधियों को शरण देने में लगती है, जिसकी कम से कम सजा दस साल से लेकर बीस साल तक है। इसके साथ ही दो लाख रुपए का जुर्माना भी है। पुलिस ने ये धारा एफएसएल रिपोर्ट में वेनम में मॉर्फीन के सब्सटेंट होने के कारण लगाई थी।

गिरफ्तारी के दौरान मॉर्फीन जैसे मादक पदार्थ को नहीं किया था ग्रहण
बुधवार को एफआईआर में जिन धाराओं को बढ़ाया था उनमें से कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22/29/30/32 को माना था साथ ही धारा 27/27 ए को कोर्ट ने नहीं माना। इसका मतलब है कि ये धाराएं एल्विश के ऊपर से हटा दी गईं।

सेक्शन 20 को भी हटा दिया गया था। इसकी बड़ी वजह ये थी जब पुलिस ने एल्विश को गिरफ्तार किया, उस समय उसने ऐसा कोई मादक पदार्थ का सेवन नहीं किया था और न ही उसके पास से वेनम बरामद किया गया।

एल्विश समेत सभी 8 आरोपी जमानत पर बाहर
ऐसे में शुक्रवार को जिरह सिर्फ धारा धारा 8/22/29/30/32 और पहले से एफआईआर में दर्ज धारा 284/289/120बी/9/39/48ए/49/50/51 पर की गई। इन धाराओं में सजा का प्रावधान सात साल या उससे कम है। कोर्ट में गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुनवाई शुरू हुई।

महज एल्विश के वकील ने अपने तथ्य सामने रखे और पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत की। जज ने फैसला सुरक्षित रखा और लंच बाद बेल ग्रांटेड का आदेश दिया। एल्विश के दो साथियों ईश्वर और विनय को भी बेल मिल गई। इस केस से जुड़े सभी आठ आरोपी अब जमानत पर बाहर है। पुलिस चाहे तो बेल खारिज को लेकर हायर कोर्ट जा सकती है।

4 पाइंट में ही एल्विश को मिल गई बेल

  • एल्विश के पास से कोई भी नशे का सामान या कुछ भी रिकवर नहीं किया गया।
  • जिनके पास से वेनम , सांप बरामद हुआ यानी राहुल और पांच सपेरे सभी को जमानत मिल चुकी है।
  • एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एल्विश पर एनडीपीएस एक्ट लगाया। लेकिन ये वेनम राहुल और सपेरों से मिला था।
  • एल्विश राहुल और सपेरों को नहीं जानता कोई सीधा लिंक पुलिस के पास नहीं है।
एक वीडियो से लिया गया चित्र।

एक वीडियो से लिया गया चित्र।

इस मामले में कब क्या हुआ इसे भी देखें

  • 2 नवंबर को सेक्टर-51 के बैंक्वेट हॉल में एक स्टिंग पीपल फॉर ऐनिमल की ओर से किया गया।
  • 3 नवंबर को 5 सपेरों सपेरों पकड़ा और 9 सांप बरामद किए गए। इसी दिन एफआईआर एल्विश यादव का नाम जोड़ा गया।
  • 4 नवंबर को राजस्थान पुलिस ने एल्विश को पकड़ा और यूपी पुलिस से बातचीत के बाद छोड़ दिया गया।
  • 5 नवंबर को कोतवाली सेक्टर-49 के थाना प्रभारी को इस केस में लापरवाही करने पर लाइन हाजिर किया गया और मामला थाना सेक्टर-20 में ट्रांसफर किया गया।
  • 6 नवंबर को पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से रिमांड मांगी।
  • 7 नवंबर को पुलिस ने एल्विश को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया।
  • 8 नवंबर की तड़के एल्विश थाना सेक्टर-20 आया और उससे 45 मिनट तक पूछताछ की गई।
  • 9 नवंबर को पुलिस ने एल्विश को दोबारा नोटिस भेजा लेकिन मेडिकल अन फिट बताकर वह नहीं आया।
  • 10 नवंबर को पकड़े गए आरोपी राहुल से पूछताछ की गई 24 घंटे में कई राज पुलिस के सामने बताए। पहली बार फाजिलपुरियां का नाम सामने आया।
  • 14 नवंबर को पुलिस राहुल के साथ फरीदाबाद गई और वहां से दो कोबरा रेस्क्यू किए। उसे एक रजिस्टर मिला, जिसमें पूरा लेखा जोखा था।
  • 16 मार्च को एल्विश को पुलिस ने गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
  • 17 मार्च को एल्विश को जेल भेज दिया गया ।
  • 19 मार्च को विनय और ईश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
  • 21 मार्च को एल्विश समेत तीनों आरोपी को जमानत मिल गई।
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