कोटा

सेल्फी लेते समय एक दोस्त का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे बचाने के लिए एक-एक कर तीन दोस्त भी नहर में कूद गए। डूबने लगे तो बचाने के लिए चिल्लाने लगे। वहां से गुजर रहे लोगों ने दो नाबालिगों को बचा लिया, लेकिन दो की मौत हो गई। घटना बूंदी जिले के केशोरायपाटन इलाके से गुजर रही सींता नहर में रविवार सुबह 9 बजे हुई।

दो दोस्तों के शवों की तलाश के लिए कोटा से गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम पहुंची थी।
सिद्धम (13) ने बताया- सुबह 9 बजे नहर पर आए थे। साथ में दोस्त यथार्थ (14), पीयूष (14) और आदित्य (13) भी थे। सींता नहर के किनारे खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इतने में, आदित्य का पैर फिसला और वह नहर में गिर गया। वह डूबने लगा तो बचाने के लिए एक-एक कर सभी नहर में कूद गए।
तीनों डूबने लगे तो बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। इसी दौरान पास से गुजर रहे लोगों ने आवाज सुनी तो नहर में कूदे। लोगों ने यथार्थ और सिद्धम को बाहर निकाल लिया, लेकिन आदित्य और पीयूष नहीं मिले। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस और गोताखोर की टीम मौके पर पहुंची।

बाईं मुख्य नहर कोटा चंबल से निकलकर कुन्हाड़ी, सींता, पाटन, कापरेन से होते हुए बूंदी के कई गांवों से निकलती है।
50 मीटर दूर मिले शव
गोताखोर चंगेज खान ने बताया- SDRF की टीम के साथ कोटा निगम के गोताखोर मौके पर पहुंचे। 4 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोपहर 3 बजे घटनास्थल से 50 मीटर दूर आदित्य और पीयूष का शव मिला।
केशोरायपाटन थानाधिकारी बाबूलाल ने बताया- बच्चे कोटा के कुन्हाड़ी से यहां घूमने आए थे। जो शुरुआती बात सामने आई, सेल्फी लेते समय एक नाबालिग का पैर फिसल गया। उसे बचाने बाकी कूदे थे। दो की मौत हुई है।

गोताखारों ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद दो शवों को नहर से बाहर निकाला।





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