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सांख्य सागर पर जलकुंभी का कब्जा: झील के ब्रांड एंबेसडर मगरमच्छ कर रहे पलायन, शहर के नालों में बढ़ी इनकी संख्या / Shivpuri News

शिवपुरी: माधव नेशनल पार्क की सांख्य सागर झील को जलकुंभी ने पूरी तरह से जकड़ लिया इसके चलते शहरी क्षेत्र के नालों में मगरमच्छों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। मगरमच्छ अब अधिक संख्या में झील से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। ताजा तस्वीरें जाधव सागर तालाब से सटे हुए नाले से सामने आई हैं। जहां एक साथ कई मगरमच्छों के झुंड को देखा जा सकता है। जबकि पूर्व में इतनी संख्या एक साथ मगरमच्छों नहीं देखा गया हैं।

इसकी मुख्य बजह माधव नेशनल पार्क की सांख्य सागर झील (चाँदपाठा) में फैली जलकुंभी को माना जा रहा है। जिले में औसत वर्षा का आंकड़ा पूरा न होने के चलते झील में जल स्तर भी काफी कम है। इसके साथ ही झील को जलकुंभी ने पूरी तरीके जकड़ रखा है। इसके चलते सांख्य सागर झील में रहने बाले हजारों की तादात में मगरमच्छों को पलायन करना पढ़ रहा है। बता दें कि सांख्य सागर झील से सटे से हुए करबला क्षेत्र को जलकुंभी ने जकड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त करबला से कुछ दूर जाधव सागर में भी जलकुंभी फैल चुकी है। इसी बजह के चलते अब मगरमच्छ शहर के नालों की ओर बढ़ रहे हैं। जबकि सांख्य सागर झील को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है और सांख्य सागर झील में रहने वाले मगरमच्छों को ब्रांड एंबेसडर दर्जा मिला है। इसके बावजूद झील और मगरमच्छों को उपेक्षा का सामना करना पढ़ रहा है। बता दें कि हर साल बारिश के मौसम में शहरी क्षेत्र में मगरमच्छों के निकलने की घटनाएं सामने आती रहतीं है लेकिन नालों में बढ़ती मगरमच्छों की संख्या ने अनुमान लगाया जा सकता है कि इस बार ही बारिश के मौसम में शहरी क्षेत्र में मगरमच्छ निकलने की घटनाओं में ओर इजाफा हो सकता हैं।

सांख्य सागर झील को रामसर साइट (वेटलैंड) का दर्जा मिले दो साल से अधिक का समय गुजर चुका है। लोगों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद उम्मीद थी कि झील का संरक्षण होगा, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही का आलम ये है कि यहां बोटिंग तो बंद ही हो गई, यहां सबसे अधिक संख्या में पाए जाने वाले मगरमच्छों के जीवन पर भी संकट आ गया है।

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