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सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी ब्रिटिश उपचुनाव में फिर हारी। 100 सांसद इस्तीफा दे सकते है आम चुनाव से पहले, नेतृत्व बदलने की मांग पार्टी में /#INTERNATIONAL

17 दिसंबर 2024 को ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमन्स (संसद का निचला सदन) भंग हो जाएगी। इसके बाद 28 जनवरी 2025 से पहले देश में आम चुनाव होंगे।

ब्रिटेन में भारतवंशी PM ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सरकारी नीतियों के विरोध और भ्रष्टाचार के मामलों के चलते कंजर्वेटिव पार्टी उपचुनावों में लगातार हार की परंपरा तोड़ नहीं पा रही है। हार के चलते कंजर्वेटिव पार्टी में नेतृत्व बदलने की मांग शुरू हो गई है। पार्टी के 100 सांसदों ने चुनाव से पहले इस्तीफा देने का फैसला किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक सांसदों को लगता है कि आगामी चुनावों में वे अपनी सीट खो देंगे। साथ ही, इनमें से कई सांसदों ने राजनीति से संन्यास लेने का फैसला लिया है। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर में अपने लिए नौकरियां तलाशना शुरू कर दिया है।

इसी महीने हाउस ऑफ कॉमन्स की जस्टिस कमेटी के प्रमुख सर बॉब नेइल और पूर्व चांसलर क्वासी क्वार्तेंग और डिप्टी प्रमुख निक्की एइकेन ने घोषणा की है कि वे संसद छोड़ रहे हैं और इस साल होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे।

बॉरिस जॉनसन साल 2022 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे। इसके बाद लिज ट्रस और फिर ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने।

बॉरिस जॉनसन साल 2022 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे। इसके बाद लिज ट्रस और फिर ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने।

2019 के बाद 10 उपचुनाव हार चुकी है कंजर्वेटिव पार्टी
ब्रिटेन में 2019 के आम चुनावों में तत्कालीन PM बॉरिस जॉनसन ने पार्टी को बहुमत दिलाया था, लेकिन उसके बाद एक ही कार्यकाल में 10 से ज्यादा उपचुनाव पार्टी हार चुकी है। हाल में, दो सीटों वेलिंगबर्ग और किंग्सवुड में हार से कंजर्वेटिव सांसद चिंता में पड़ गए हैं।

वेलिंगबर्ग में कंजर्वेटिव सांसद पीटर बोन को हटाने के बाद चुनाव हुए थे। यहां लेबर पार्टी के सांसद जेन किचेन को 45.8% वोट मिले, जो पिछली बार से 28.5% ज्यादा थे। यह सीट 2005 से कंजर्वेटिव पार्टी के पास थी। यही स्थिति किंग्सवुड की थी, जहां लेबर पार्टी को 44.9% वोट मिले, जो पिछली बार से 16.4% ज्यादा है। ये सीट 2010 से कंजर्वेटिव पार्टी के पास थी।

चिंता: देश को आर्थिक संकट से निकालने में सुनक नाकाम
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सुनक सफल नहीं हुए हैं। इस सप्ताह जारी ताजा आंकड़ों से पता चला है कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2023 की दूसरी छमाही में मंदी की चपेट में आ गई और केवल 0.1% की वृद्धि हुई। यू-गोव सर्वे में सामने आया है कि सुनक की लोकप्रियता सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। ब्रिटेन के 70% उत्तरदाता उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

तस्वीर ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी के अध्यक्ष कीर स्टार्मर की है। (फाइल)

तस्वीर ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी के अध्यक्ष कीर स्टार्मर की है। (फाइल)

विपक्षी हमले: लेबर पार्टी ने कहा- देश बदलाव चाहता है
कंजर्वेटिव पार्टी पर लेबर पार्टी भी हमलावर है। उपचुनाव के नतीजों के बाद लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने कहा कि रिजल्ट से साफ हो गया है कि देश परिवर्तन चाहता है। स्टार्मर का कहना है कि यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हमारी पार्टी को टोरी स्विचर मिल रहे थे। दूसरे शब्दों में, जिन लोगों ने पहले लेबर पार्टी को वोट नहीं दिया था, उन्होंने उपचुनाव में लेबर पार्टी को वोट दिया।

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