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निर्देश: कलेक्टर को 50 हजार रु. याचिकाकर्ता और 50 हजार रु. कोर्ट में जमा कराने के आदेश / Shivpuri News

शिवपुरी। हाईकोर्ट ग्वालियर ने कलेक्टर शिवपुरी पर 1 लाख रुपए की कॉस्ट लगाई है। जिसमें 50 हजार रुपए याचिकाकर्ता के लिए भुगतना देना होगा और 50 हजार रुपए कोर्ट में जमा कराने होंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बढ़ी हुई दर पर मुआवजा निर्धारित करें याचिकाकर्ता को देना होगा। एडवोकेट चेतन कानूनगो के मुताबिक 85 वर्षीय अमरजीत कौर की शिवपुरी में पैतृक जमीन 1987 में गुना-शिवपुरी रेल लाइन में अधिग्रहित की गई थी। उस समय कम मुआवजा मिलने पर दूसरे भूमि स्वामी जिला न्यायालय और हाईकोर्ट गए। दोनों जगह से बढ़े हुए मुआवजा के आधार पर भुगतान के आदेश दिए। इसके बाद आखिरी बार साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कीए जहां कोर्ट ने मुआवजा रकम और बढ़ा दी।
जिला न्यायालय के पहले आदेश के आधार पर अमरजीत कौर ने कलेक्टोरेट में आवेदन दिया। 2014 में पक्षकार ने फिर से आवेदन किया और प्रशासन ने 2015 में उनका आवेदन निरस्त कर दिया। इसके बाद साल 2016 में हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की। जिसमें कलेक्टर और रेलवे की तरफ से जवाब आयाए जिसमें खुद की कार्रवाई को सही ठहराया। लेकिन कोर्ट ने इसे गैर कानूनी करार देकर शिवपुरी कलेक्टर पर 1 लाख रुपए की कॉस्ट लगाई है। जिसमें पक्षकार को 50 हजार रुपए का भुगतान कलेक्टर को करना होगा और शेष 50 हजार रुपए हाईकोर्ट में जमा कराना होंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पक्षकार अमरजीत कौर का मुआवजा निर्धारण करके भुगतान करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं। वर्तमान में अमरजीत कौर दिल्ली में अपने परिवार के संग रह रही हैं।
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