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विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर कठमई में साबुन वितरण सह जागरुकता कार्यक्रम आयोजित / Shivpuri News

हाथ धोने से सिर्फ कोरोना ही नहीं कई  बीमारियों से भी मिलती है सुरक्षा:- डा. विष्णु गुप्ता 
हाथ धुलाई के  विभिन्न तरीके मौके पर बतलाए:- अतुल त्रिवेदी संभागीय समन्वय यूनीसेफ 
शिवपुरी । हर साल 15 अक्तूबर को दुनियाभर में ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे यानी विश्व हाथ धुलाई  दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य हाथों को अच्छी तरह से धोने के फायदों और महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी के द्वारा विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर आदिवासी बाहुल्य शहरी क्षेत्र कठमई में साबुन वितरण एवं जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन सोसल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिकल कालेज शिवपुरी के कम्यूनिटि मेडिसन के प्रोफेसर डॉक्टर डा0 विष्णु गुप्ता ने बताया कि कि हाथ न धोने के कारण सबसे अधिक बीमारियां होती हैं। हाथों के जरिए ही संक्रमण और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में चले जाते हैं और बीमारियां पैदा करते हैं। अब कोरोना वायरस को ही ले लीजिए। यह बीमारी भी हाथों के जरिए ही फैल रही है। उन्होने कहा कि  हाथ धोना एक दवा की तरह है। अगर आप हाथों को नहीं धोते हैं तो वायरस के संक्रमण या बैक्टीरिया के संपर्क में आ सकते हैं जिसकी वजह से आप बीमार पड़ सकते हैं और दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन अगर आप हमेशा हाथ सही तरीके से साबुन से धोते रहेंगे तो आप बीमार नहीं पड़ेंगे और दवा की जरूरत भी नहीं पड़ेगी हाथों के माध्यम से ही विभिन्न विमारियां शरीर में प्रवेश कर जाती हैं सही तरीके से हाथ धोने से सिर्फ कोरोना ही नही कई बिमारियों से सुरक्षा मिलती है। कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने बताय कि  विश्व हाथ धुलाई दिवस पर संस्था द्वारा कठमई में किशोरियों को हाथ धुलाई के सही तरीके बताए एवं जो साबुन का उपयोग नही कर रहे थे ऐसे 50 परिवारों को साबुन वितरित किया। रवि गोयल ने बताया कि हाथ न धोने के कारण होने वाली बीमारियां जैसे कोरोना वायरस ,फेफड़ों से जुड़ी बीमारी ,हेपेटाइटिस ,त्वचा संबंधी बीमारियां ,फूड प्वॉयजनिंग ,पेट में कीड़े  एवं हाथ, पैर और मुंह संबंधी बीमारियां हो सकती है। यूनीसेफ वाश कार्यक्रम के संभागीय समन्वयक अतुल त्रिवेदी की मानें तो हाथ साफ करने के लिए साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोने चाहिए और इसके लिए हैप्पी वर्थडे सांग को मन ही मन आप गा सकते है। इससे हाथों के जरिए फैलने वाली बीमारियों का खतरा लगभग न के बराबर हो जाता है  सभी को हाथों को  खाना खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन से जरूर धोएं।  टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद हाथ साबुन से धोना है जरूरी है।  
सुपोषण सखी गोमती आदिवासी एवं आंगवाड़ी कार्यकर्ता शशिकातां धूल.मिट्टी से भरी किसी जगह पर काम करने के बाद साबुन.पानी से हाथ धो लें।  जानवरों को छूने के बाद भी हाथों को साबुन.पानी से धोना बहुत जरूरी है। कार्यक्रम के अन्त में हाथ धुलाई के सभी तकनीकि पहलूओं को पूरा करने वाली दो किशोरी बालिकाओं को डा. गुप्ता एवं रवि गोयल द्वारा पौधा देकर सम्मानित किया । कार्यकम के हाथ धुलाई के जागरुकता के लिए पोस्टर का पद्रर्शन भी किया गया।  कार्यकम का संचालन रवि गोयल ने किया एवं आभार प्रदर्शन सुपोषण सखी लीला आदिवासी ने किया । कार्यक्रम में विशेष रुप  से  डा. गुप्ता, यूनीसेफ के संभागीय संमन्वय अतुल त्रिवेदी , शक्तिशाली महिला संगठन के रवि गोयल एवं उनकी पूरी टीम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शशिकातां भार्गव , सहायिका , सुपोषण सखी गोमती, लीला , गायत्री , किशोरी बालिकाए तथा कठमई की महिलाऐं उपस्थित थी
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