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बाल विवाह रोकने नई पहल: टेलरों से अपील में कहा नहीं सिलें नाबालिक लाडो के लहंगे / Shivpuri News

शिवपुरी: पिछले 3 साल में 206 नाबालिग को विवाह बंधन में बांधने से तब रोका जा सका जब टीम ने गुप्त सूचना पर औचक छापामार कार्रवाई की।


तीन मामले ऐसे भी रहे जिनमें नाबालिगों की शादी होने पर उन पर एफ आई आर भी दर्ज की गई। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा अब नाबालिगों के विवाह रोकने नई पहल की है। जिसके तहत शहर भर के कपड़े सिलने वाले दर्जियों तक संदेश दिया गया है कि वह नाबालिग लाड़ो के लहंगे सिल कर कर ना दे।

यदि टेलर का इतना सहयोग मिल गया तो निश्चित रूप से नाबालिग जोड़ों के विवाह रोकने में वह भी अपनी भूमिका अदा कर सकेंगे। बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने महिला बाल विकास शिवपुरी के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट की। जिसमें एक वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि विवाह आयोजन में टेलरिंग कार्य सबसे महत्वपूर्ण सेवा है।

विवाह आयोजन टेंट, लाइट, हलवाई, केटर्स एवं विवाह पत्रिका के बगैर तो सकता है, किंतु शादी के जोड़े की सिलाई अनिवार्य होती है। टेलरिंग का काम करने वाले लोग अगर वर- बधु की उम्र की जानकारी लेने लगें और वर- वधु की उम्र कम हो तो सिलाई काम से मना कर दें। सिलाई कामगारों की इतनी सजगता से बाल विवाह के आयोजन पूरी तरह समाप्त हो सकते है।

स्वागत योग्य पहल है
प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। हमारी संस्था ने जिले की 500 से अधिक महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दिया। वह सभी मेरे संपर्क में है। हम उन सभी महिलाओं से अपील करेंगे कि बाल विवाह रोकथाम में सहयोग करें। वैवाहिक कपड़ों की सिलाई से पहले वर- वधु की उम्र की जानकारी जरूर लें। – दीप्ती भदौरिया, अध्यक्ष, एक अनोखी पहल संस्था शिवपुरी

अब पहले उम्र जरूर पूछेंगे
अभी तक हमने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। बाल विवाह जैसी बुराई अगर हमारे छोटे से प्रयास से मिट सकती है, तो हम आज से विवाह के कपड़ों की सिलाई तभी करेंगे जब हम दूल्हा- दुल्हन की उम्र की जानकारी ले लेंगे। उम्र कम होगी तो हम कपड़े नहीं सिलेंगे। – रामप्रसाद कुशवाह, टेलर, नवाब साहब रोड शिवपुरी

सिलाई कामगार पालन करेंगे
^सिलाई कामगार पालन करेंगेबाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा की बाल विवाह के खिलाफ इस मुहिम में सिलाई कला से जुड़े हमारे समस्त भाई- बहन साथ देंगे। मैंने पत्र लिखकर सिलाई कला से जुड़े लोगों से अपील की है, कि वह वैवाहिक कपड़ों की सिलाई तभी करें, जब यह स्पस्ट हो कि वह बाल विवाह नहीं है। – सुनील माहेश्वरी, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासभा मप्र

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