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शिक्षक दिवस स्पेशल: शासकीय मदद के बिना 2 सैंकड़ा विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा दे रहे चौबे सर / Shivpuri News

शिवपुरी: देश आज शिक्षक दिवस मना रहा है। इस अवसर शिवपुरी के रहने वाले शिक्षक मधुसूदन चौबे (सर) को नहीं बुलाया जा सकता शिक्षक मधुसूदन चौबे शहरवासियों के लिए किसी परिचय के मोहताज नही है। शिक्षा के लिए समर्पण, त्याग और जज्बा चौबे सर में वर्षो से देखा जा रहा है। 2008 में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल से उपप्राचार्य के पद से सेवानिब्रत होने के बाद भी चौबे सर आज तक शिक्षा के जरिये गरीब बच्चो के भविष्य को संवारने में लगे हैं। शासकीय सेवा में रहते हुए भी वे निशुल्क कोचिंग दे रहे थे और आज भी ये सिलसिला टूटा नही है। अब एक शासकीय बाल भवन में बगैर किसी शासकीय मदद के 2 सैंकड़ा विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। निशुल्क शिक्षा में उनके ही जैसे कुछ अन्य शिक्षक भी उनके साथ यहां पढ़ाते हैं जो कभी चौबे सर से ही पढे थे। यदि यहां शासकीय स्तर पर मदद होती तो बिद्यार्थियो को अधिक लाभ भी मिल सकता है। शिक्षा इस जमाने मे बहुत मॅहगी है और तमाम संस्थान मोटी फीस लेकर इसे व्यवसाय बनाये हुए हैं, ऐसे में चौबे सर रोजाना 4 किमी घर से पैदल चल कर दोनों टाइम बाल भवन सही समय पर पहुंचते हैं। सुबह के समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ओर शाम को विभिन्न कक्षा के अनुसार पढ़ाई कराते हैं। यहां एक कम्प्यूटर लेब ओर लायब्रेरी भी है। इस व्यवस्था को चलाने में यहां से बड़े बड़े पदों पर चयनित हुए विद्यार्थी मदद करते हैं और कभी कभी सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी मिलता रहता है। इस उम्र के पड़ाव पर आज भी जो जज्बा चौबे सर में दिखता है और ओरों को प्रेरित करता है।

जल क्रांति सत्याग्रह पर बैठ गए थे धरने पर –

शिक्षक मधुसूदन चौबे का दायरा शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहा था वह वर्ष 2015 में शिवपुरी में जल क्रांति सत्याग्रह की शुरुआत करते हुए धरने पर बैठ गए थे यह सत्याग्रह शिवपुरी जिले में व्याप्त जल व्यवस्था को निपटाने के लिए शिक्षक मधुसूदन चौबे के द्वारा शुरू किया गया था इस सत्याग्रह की मुख्य मांग थी कि शिवपुरी में जल आवर्धन योजना के धीमी गति से कार्य को तेजी से लाना था पब्लिक पार्लियामेंट के बैनर तले हुए इस आंदोलन में शिवपुरी की राजनीति जड़े तक हला दी थी। तदोपरांत एक माह चले इस आंदोलन को मंत्री सहित शासन के आश्वासन के बाद खत्म कर दिया गया था यही वजह है कि आज शिवपुरी में सिंधु जल आवर्धन योजना के तहत जो पानी शहर की जनता पी रही है उसमें शिक्षक मधुसूदन चौबे का भी योगदान शहर की जनता मानती है।

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