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ट्रक की नंबर प्लेट बदल कर गेंहू खुर्दबुर्द की बनाई योजना, मालिक को हुआ शक, 420 का मामला दर्ज / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले के पिछोर नगर के नगरिया मोहल्ला के रहने वाले गल्ला व्यापारी निर्मल कुमार गुप्ता अपनी सर्तकता से ट्रक ड्रायवर के हाथों लुटने से बच गया। ट्रक ड्रायवर ने गाड़ी की नम्बर प्लेट बदलकर व्यापारी का गेंहू लखनऊ भेजने के स्थान पर उसे खुर्दबुर्द करने की योजना बनाई थी। इसके लिए ड्रायवर और क्लीनर ने ट्रक की नम्बर प्लेट बदलकर फर्जी नम्बर चिपका दी। व्यापारी को जब दोनों पर शक हुआ तो उन्होंने दोनों विमल शंखवार और रामू शंखवार को पकड़कर पिछोर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। जहां पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।फरियादी निर्मल पुत्र कृष्ण कुमार गुप्ता ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वह किसानों से गल्ला खरीदकर उसे बाहर बेचने के लिए भेजते हैं। बीते रोज उन्होंने गेंहू को लखनऊ भेजने के लिए श्रीकृष्णा ट्रांसपोर्ट के संचालक सियाशरण यादव से सम्पर्क कर एक ट्रक के लिए सम्पर्क किया था। ट्रांसपोर्टर सियाशरण यादव ने उन्हें ट्रक मालिक का मोबाइल नम्बर 9793173233 दिया और कहा कि यह ट्रक मालिक का नम्बर है। जिस पर वह सम्पर्क कर लें और जब उन्होंने इस नम्बर पर बात की तो ट्रक मालिक ने उनसे कहा कि उनके ड्रायवर का फोन उनके पास आएगा। जिसे वह अपनी लोकेशन बता दें। फोन काटने के बाद ड्रायवर ने अपने मोबाइल नम्बर 8188839080 से फोन लगाया और बोला कि वह दो घंटे में ट्रक लेकर आ जाएगा और शाम करीब साढ़े 5 बजे एक 14 चक्का ट्रक उनके पास पहुंच गया। ट्रक के आगे और पीछे पीले रंग की प्लास्टिक की नम्बर प्लेट पर यूपी 78 एफ 8638 अंकित था। इसके बाद उन्होंने अपने मुनीम वीरेंद्र कुशवाह को गाड़ी का कांटा करने मंडी में स्थित धुंआधार किसान के कांटे पर तोल के लिए भेजा। जहां ड्रायवर ने तोल कराने के बाद गाड़ी दुकान पर लगा दी। इसी दौरान उन्हें गाड़ी की नम्बर प्लेट पर शक हुआ तो उन्होंने गाड़ी के आगे लगे प्लास्टिक की नम्बर प्लेट पर लगे स्टीकर को हटाकर देखा तो गाड़ी की ऑरिजनल नम्बर प्लेट दिखने लगी। जिस पर गाड़ी का नम्बर यूपी 77 एएन 3851 डला हुआ था। जिससे उनका शक यकीन में बदल गया और उन्होंने गाड़ी के ड्रायवर विमल शंखवार व क्लीनर रामू शंखवार को पकड़ लिया और उससे पूछा कि इस पर ऊपर दूसरे नम्बर क्यों अंकित किए हैं। जिस पर ड्रायवर ने उन्हें बताया कि जब गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति से खरीदते हैं तो गाड़ी के नम्बर चैंज हो जाते हैं। ड्रायवर के इस झूठ से उनका यह शक पुख्ता हो गया और वह दोनों को थाने लेकर आ गए। यहां व्यापारी ने पुलिस को वह फर्जी नम्बर प्लेट भी सौंप दी और पुलिस को बताया कि ये दोनों मिलकर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर धोखे से उनके गेहूं को खुर्दबुर्द करने की योजना बनाकर आए थे। पुलिस ने उक्त नम्बर प्लेट को जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ट्रक को भी जप्ती में ले लिया है।

गाड़ी मालिक ने अपने ड्रायवर और क्लीनर को बताया निर्दोष –

इस पूरे मामले को लेकर उत्तरप्रदेश के भोगनीपुर निवासी नसीम खान जो पकड़ी गई गाड़ी के मालिक हैं, उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि व्यापारी के गेंहू को खुर्दबुर्द करने जैसी कोई बात नहीं है। व्यापारी को बेवजह ही यह संदेह हो गया है। जब उनसे पूछा गया कि ऑरिजनल नम्बर होते हुए भी उन्होंने फर्जी नम्बर क्यों लगाए। इस पर गाड़ी मालिक का जबाव था कि उन्होंने अपने एक मित्र की गाड़ी फायनेंस के दौरान गारंटी दी थी। लेकिन पिछले लंबे समय से उनका वह मित्र गाड़ी की किश्त नहीं भर रहा है। आए दिन फायनेंस कम्पनी के लोग उनकी गाड़ी को पकड़ लेते हैं। जिनसे बचने के लिए उन्होंने नम्बर प्लेट पर दूसरे नम्बर लगाए थे।

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