
िशवपुरी। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई फायर ब्रिगेड तथा कचरा कंटेनर उठाने वाली मशीन सहित अन्य वाहन कार्यालय में खड़े होकर धूल खाकर कबाड़ हो रहे है। जबकि इन वाहनों को दुरुस्त कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी कई बार नगर पालिका सीएमओ को अवगत करा चुके हैं परंतु जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। लापरवाही के चलते लाखों रुपये के यह वाहन कबाड़े पर रखे हुए हैं। अगर इन वाहनों को दुरुस्त करा दिया जाता तो नगर पालिका के लाखों रुपये बर्वाद होने से बच सकते थे, लेकिन अधिकारी इन वाहनों का दुरुस्त कराने की जगह नये वाहन खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं क्योंकि नए वाहन खरीदने में अच्छा कमीशन मिलता है।
एक ओर नगर पालिका के अधिकारी खजाना खाली होने का रोना रोते रहते है। खजाने में बजट नहीं होने की बात कहकर न तो शहर का विकास किया जा रहा है और न ही किसी योजना का काम शुरू कराया जा रहा है। अधिकारियों से जब भी किसी योजना पर बात की जाती है तो वह कोष में बजट नहीं होने की कहकर बात खत्म कर देते हैं। जबकि लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए वाहनों का अगर मैटेनेंस करा दिया जाता तो नए वाहन खरीदने की आवश्यकता नहीं होती और उन वाहनों का उपयोग करके आय भी बढ़ाई जा सकती थी। अधिकारियों ने अपने फायदे लिए खराब हुए वाहनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण नगर पालिका की लाखों रुपये की संपत्ति जर्जर और कबाड़ हो रही है।
धूल खा रही अध्यक्ष के लिए मंगाई गई सफारी कार
नगर पालिका द्वारा बीते साल तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नाालाल के लिए नई टाटा सफारी कार खरीदी गई। कार के खरीदे जाने के बाद कुछ समय बाद ही अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया। अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई सफारी कार सीएमओ बंगले के गैराज में खड़ी हुई है और धूल खा रही है। जबकि नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ 25 हजार रुपये मासिक किराए पर ली गई कार का उपयोग कर रहे है। अगर प्रभारी सीएमओ किराये की कार की जगह खरीदी गई सफारी कार का उपयोग करते तो नगर पालिका के हर माह दिए जाने वाले 25 हजार रुपये भी बच जाते और कार भी धूल खाने से बच जाती।
कई बार शिकायतों के बाद भी नहीं कराया मेंटेनेंस
बताया जाता है कि नगर पालिका कार्यालय में खराब पड़े वाहनों को दुरुस्त कराए जाने के लिए संबंधित विभाग के वाहन चालकों ने कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर अवगत कराया था। नोटशीट बनाए जाने के बाद भी इन वाहनों का मेंटनेंस नहीं कराया गया है।
कबाड़ हो रहे हैं लाखों रुपये के वाहन
नगर पालिका द्वारा शहर में जगह जगह रखे लोहे के डस्टबिनों को उठाने के लिए रिफ्यूजी कलक्टर मशीन 2006 में मंगवाई थी। परंतु कुछ समय बाद मशीन का उपयोग नहीं किए जाने के कारण मशीन पिछले कई सालों से खड़ी होकर नगर पालिका की शोभा बढ़ा रही है। इसके साथ ही शहर का कचरा उठाने लिए दो कार्गो ट्रक खरीदे गए जो पिछले लंबे खड़े होकर कबाड़ रहे हैं। एक ट्रैक्टर, ट्रॉली और हाइड्रा क्रेन भी खड़ी-खड़ी जर्जर हो चुकी है। एक फायर ब्रिगेड भी कबाड़ हो रही है। इसके साथ ही नगर पालिका द्वारा शहर की सड़कों को साफ करने के लिए दो झाडू मशीन मंगवाई थी, लेकिन इन मशीनों का उपयोग नहीं करने के कारण वह भी कबाड़े में तब्दील हो गई।






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