शिवपुरी। जिले में दो अवैध काम धड़ल्ले से चल रहे हैं जिसमें से पहला डंडा बैंक और दूसरा सट्टा। शहर में सट्टे को लेकर सट्टा कारोबारियों ने आपस में बातचीत कर इलाके को बांट लिया है। इस सट्टा किंग शहर में सट्टा का कारोबार चला रहे हैं। इन्हीं लोगों ने मोहल्ले, वार्डों में एजेंट नियुक्त कर दिए हैं जो लाइन लेकर इनको देते हैं। हालांकि मामले में पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन सट्टा कारोबारियों की राजनीतिक पकड़ होने के कारण वह कार्रवाई के बाद भी बच निकलते है और फिर से वहीं कार्य शुरू कर देते हैं। यही हाल डंडा बैंक का भी है यहां कुछ लोग गरीब लोगों को निशाना बनाकर मोटे ब्याज पर रकम देते हैं जिस पर गरीब मूल से भी अधिक ब्याज चुका देता है लेकिन उधार लिया हुआ रुपया वापस नहीं लौटा पाता। जिस कारण यह लोग उधार देने वाले तो शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान करते हैं। पहले डंडा बैंक वालों की वजह से लोगों की जान जा रही थी वहीं अब सट्टे के रट्टे में लोग आत्महत्या कर रहे हैं।
यहां बता दें कि पार्सर डिलीवरी का कार्य करने वाला अंकित उर्फ मोनू पुत्र गजराजसिंह परिहार निवासी गणेश गली नीलगर चौराहा पुरानी शिवपुरी भी सट्टे के रट्टे में फस गया और अधिक उधारी हो जाने के कारण लाइन लेने वाले सट्टा कारोबारी लगातार उस पर रुपए वसूली के लिए दबाव बना रहे थे। जिस कारण बीते रोज उसकी लाश पेड़ से लटकी मिली और उसके पास से लगभग 31 हजार से अधिक का कैश गायब था। अंकित की आत्महत्या को लेकर कई पेच सामने आ रहे हैं जिसमें सोचनीय है कि अंकित ने आत्महत्या की है या फिर उसकी हत्या। यहां बता दें कि शहर में कई लोग सट्टे के रट्टे में फंसे हुए हैं पुलिस अगर कार्रवाई करती भी है तो अगले दिन उसका थाना बदल जाता है या फिर नाम की कार्रवाई होकर रह जाती है। अंकित ने मरने से पहले अपने बड़े भाई राहुल परिहार के मोबाइल पर शाम को मैसेज किया जिसमें लिखा था कि भैया मैं अाप सबसे माफी चाहता हूं और आज मैं अपने आप को खत्म करने जा रहा हूं। इसमें आपकी कोई गलती नहीं है, जो कुछ भी है, सारा मेरा कसर है। मम्मी और पापा का ख्याल रखना और उनका अच्छे से ध्यान रखना। मैं अब इस दुनिया से जा रहा हूं। तुम मुझे रेलवे स्टेशन पर ढूंढ लेना। राहुल ने रिप्लाई दिया कि पहले बात सुन, हुआ क्या है, जो भी हुआ है सब देख लेंगे।
8109685953 से लेनदेन का व्हाट्सएप चैट
5:18 बजे नंबर : तुम पेयमेंट नहीं करोगे तो मुझे घर से ही लेना पड़ेगा। 5:19 बजे अंकित : सर ऐसा नहीं हूं मैं, कल पक्का करवा दूंगा, बस एक दिन का समय और दे दीजिए। प्लीज सर, कल शाम तक पक्का हो जाएगा पैमेंट। 5:19 बजे नंबर : आगे तुम मार्केट में आओ, नहीं तो मैं घर आऊं। 5:20 बजे अंकित : सर मार्केट में कहां पर । 5:20 बजे नंबर : बड़े चौराहे। 5:22 बजे अंकित : सर अभी तक मैं फील्ड मैं हूं, नहीं आ सकता। 5:22 बजे नंबर : कहां हो फील्ड मैं। 5:200 बजे सर मैं ग्वालियर वायपास साइड हूं। 5:23 बजे नंबर : तो रेलवे स्टेशन रोड पर आ जाओ। इसके बाद संबंधित नंबर से अन्य मैसेज भी आए, फिर अंकित की ओर से मैसेज रिप्लाई नहीं गया।
सट्टे से संबंधित मां-बेटे की वॉइस मिली, पूछताछ होगी
अमन सोनी के मोबाइल नंबर से अंकित के मोबाइल पर मैसेज के साथ्ज्ञ दो वॉइस चैट भी मिली है। उधारी में सट्टा को लेकर महिला कह रही है कि इतनी उधारी हम नहीं कर पाएंगे भैया, हमारे पास इतना काम नहीं है। वहीं बेटा अमन वॉइस चै में कह रहा है कि तीन हजार रुपए भेज दे बस जेई उतारूंगा मैं। पहली चैट में महिला ज्योति सोनी का नाम सामने आया है और दूसरी चैट में अमन सोनी का नाम सामने ााआया है।






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