दिनारा। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के चलते लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां लैब टेक्नीशियन न होने से किसी भी बीमारी की जांच नहीं हो पाती। इसके अलावा ड्रेसर न होने से घायलों की पट्टी तक नहीं हो पाती। वहीं बीएमओ भी अपनी मनमानी कर रहे हैं और कभी भी फोन नहीं उठाते ऐसे में आमजन काफी परेशान है।
जानकारी के अनुसार दिनारा अस्पताल में हमेशाा हाइवे पर घायल होकर लोग आते हैं। ऐसे में कोई ड्रेसर न होने के कारण घाायलों का प्राथमिक इलाज तक नहीं हो पाता। अस्पताल में समय पर न तो ओपीडी खुलती है और न ही स्टाफ समय पर आता है। अधिकांश स्टाफ समय से पहले ही घर रवाना हो जाता है। अस्पताल में कब से कब तक किसकी ड्यूटी है और कितने लोग ड्यूटी पर हैं ऐसा कोई सूचना बोर्ड नजर नहीं आता, रात में तो पूरा अस्पताल एक नर्स के भरोसे रहता है। रात में कोई मरीज या घायल अस्पताल पहुंचता है तो उसको सटाफ न होने की बात कहकर जिला अस्पताल जाने के लिए बोल दिया जाता है। मामले को लेकर ग्रामीण रामकली का कहना है कि अस्पताल में बिजली न हेने से अंधेरा रहता है। रात के समय अस्पताल में केवल एक सिस्टर ही रहती है और डिलेवरी के लिए प्रसूता अधिक आ रही है तो परेशानी होती है। वहीं सुमन बाई ने कहा कियहां न तो डॉक्टर समय से आते न अन्य स्टाफ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।






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