
पिछोर। अनुविभागीय क्षेत्र के खोड़ हल्का नंबर 13 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लाभ लेने से खोड़ के कई किसान हितग्राही आज भी बंचित बने हुए है वही इस संबंध में किसान हितग्राहियों को गुहार लगाते लगाते लगभग दो वर्ष बीत गए है फिर भी पंजीकरण नही करा सके है और नतीजा निराशा जनक के अलाबा कुछ हाथ नही लगा है
कहने को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जो महामारी के वक्त एक बरदान के रूप में सावित हुई है जिसका लाखों किसान सीधा लाभ उठा रहे है वहीं बात की जाये भाजपा सरकार के मंत्रियों की तो वह जन हितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन कराने के लिए हर संभव दिशा निर्देश देते नजर आते है
इसके अलाबा जिला स्तर तक के अधिकारीगण इस योजना के प्रति बड़े गंभीर तो नजर आते है जहाँ जिला स्तरीय की प्रत्येक बैठक में किसानों के हित के लिए इस योजना का जिक्र करके त्वरित निराकरण करने के निन्म स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारियों को दिशा निर्देश दे दिए जाते तो है लेकिन अधिकांश आदेश देने तक ही सीमित रह जाते है इसका कई बार उदाहरण देखने को भी मिल चुके है
आखिर ऐसी बजह क्या है जहाँ प्रभार लिए खोड़ पटवारी हल्केराम नरवरिया को कुछ किसान हितग्राही कोषते नजर आ रहे है जब चर्चा कर समस्या जानी तो बेवा हितग्राही नीमा आदिवासी खोड़ ने अपनी समस्या सुनाते हुए कहा है कि हमें दो वर्ष हो चली लेकिन पी एम किसान सम्मान राशि आज तक नही मिली है जबकि हमनें पटवारी को कई बार पूर्व में कागज दे चुके है फिर भी बंचित है
वहीं नजदीक से बेवा महिला सुंदरा आदिवासी का भी यही कहना है कि सबको खेती के पैसे मिलते है मुझे क्यों नही मिल रहे मेने भी कई बार चक्कर काट लिए है बुढ़ापा शरीर है कहाँ कहाँ जाए पटवारी का कोई पता ही नही है
किसान हितग्राही किशोरी आदिवासी ने तीन बार कागज दे दिए आज भी चक्कर काट रहा हु आदिवासियों की कोई सुनता ही नही है हेल्पलाइन भी लगा दी फिर भी सुनबाई नही हो रही खोड़ पटवारी को कहाँ जाए ढूढने आने जाने का पता ही नही पड़ता है






Be First to Comment