शिवपुरी पुलिस ने जिले के एक ऐसे चोर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की जो शहर सहित प्रदेश भर के अलग-अलग शहरों से ट्रक चोरी कर दूसरे राज्यों में मिट्टी के भाव में बेच देते थे। इस गिरोह के लोगों ने बीते रोज शहर के फतेहपुर से अशोक ओझा नाम के व्यक्ति का ट्रक 17 सितंबर की रात चुराया और उसे राजस्थान के जयपुर निवासी एक अन्य चोर गिरोह के मुखिया यूसुफ खान को महज 3.50 लाख रुपए में बेच दिया। यूसुफ ने यह ट्रक अपने गिरोह के एक अन्य सदस्य मुकेश कुमावत निवासी नसीराबाद राजस्थान को सौंप दिया। उसने ट्रक को अपने गैरेज में लेजाकर ट्रक का हुलिया इस हद तक बदल दिया कि ट्रक का असली मालिक तक ट्रक को पहचान ने में धोखा खा गया। चोर गिरोह का सरगना बैराड़ निवासी गिर्राज ओझा बताया जा रहा है। इसके ऊपर चोरी, लूट जैसे कई अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा बैराड़ का ही धाकड़ समाज का एक अन्य व्यक्ति इस अपराध में शामिल बताया जा रहा है। जो अभी फरार है। शिवपुरी निवासी ड्राइवर सतेंद्र उर्फ सोनू ओझा भी अपराध में शामिल है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राजस्थान का गिरोह ट्रक खरीदने के बाद गैरेज में न सिर्फ उसका हुलिया बदल देते थे, बल्कि ट्रक पर ऐसे ट्रक का चेसिस नंबर, इंजन नंबर अंकित कर देते थे। जो किसी एक्सीडेंट में, या कबाड़े में कट कर खत्म हो चुके होते थे। चोरी के इन ट्रक्स को नया नंबर, नई पहचान देकर पहले चलाया जाता था और फिर अच्छा ग्राहक मिलने और ऊंची कीमत पर बेच दिया जाता था।
शिवपुरी के ट्रक ओर भी राजस्थान का नंबर
शिवपुरी पुलिस ने भी जिस समय चोरी के इस ट्रक को नसीराबाद के गैरेज से बरामद किया तब इसका न सिर्फ हुलिया बल्कि रजिस्ट्रेशन नंबर तक बदल चुका था।
चोरी में मालिक की कार का उपयोग
चोर गिरोह का सदस्य सतेंद्र ओझा पेशे से ड्राइवर है। वह वर्तमान में नवाब साहब रोड निवासी हेमंत सोनी की कार चला रहा है। सतेंद्र ने चोरी की इस वारदात में इसी कार का उपयोग किया।
सीसीटीवी कैमरे व कार ने पकड़वाया गिरोह
पुलिस सूत्र बताते हैं कि 17 सितंबर की रात ट्रक चोरी होने के बाद सुबह जब यह खुलासा हुआ कि ट्रक चोरी हो चुका है तो मालिक ने पुलिस को मामले की सूचना दी। जिस पर ट्रक को तलाशने के लिए सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया। शिवपुरी से राजस्थान तक पुलिस सहित आम लोगों के दर्जनों कैमरे खंगाले। हर कैमरे में शिवपुरी की एक कार लगातार ट्रक के पीछे चलती दिखी। इसके बाद पुलिस ने ट्रक के साथ कार की तलाश भी शुरू कर दी। कार मालिक की शिनाख्त के बाद पूरा मामला खुलता चला गया। चोर गिरोह का सरगना गिर्राज और सतेंद्र राजस्थान में ही मोबाइल लोकेशन के माध्यम से गिरफ्तार किए गए। इसके बाद उन्होंने ट्रक भी बरामद कर लिया।






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