शिवपुरी। शिवपुरी में बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलवाने वाली कंपनी नगर पालिका से लाखों का भुगतान लेकर गायब हो गई है। यहां कंपनी द्वारा लगभग एक सैकड़ा युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण दिया था लेकिन रोजगार एक को भी नहीं मिला। मामले को लेकर नगर पालिका ने कंपनी को नोटिस भी जारी कर चुकी है लेकिन एमपीकॉन की तरफ से अभी तक प्लेसमेंट नहीं कराया जा रहा है।
जिले में रोजगार दिलाने के नाम पर फर्जी तरीके से कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती करा दी गई है। सीसीबी में 14 ऑपरेटरों की भर्ती मामले में एमपीकॉन भोपाल में प्लेसमेंट देखने वाले मनोज मिश्रा ने वीसी के बहाने बात नहीं की। पूरे फर्जीवाड़े में एमपीकॉन के अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं।
केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) शाखा कोलारस में 7 करोड़ का घोटाला सामने आया है। इसमें फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से कंप्यूटर ऑपरेटर रेनू शर्मा की नियुक्ति एमपीकॉन की तरफ से कराई है। इस तरह पूरे जिले की शाखाओं में सीसीबी के अधिकारियों ने अपने नाते-रिश्तेदार व चहेतों को भर्ती कराया है। कोलारस के बाद जिले की दूसरी शाखाओं में भी घोटाले की सुगबुगाहट है।
दूसरे विभागों में भी एमपीकॉन के जरिए ऑपरेटरों की भर्ती हुईं
जिले में दूसरे विभागों में भी एमपीकॉन के माध्यम से तीसरी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्तियां की गईं हैं। जिला शिक्षा केंद्र, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मप्र स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन से लेकर नेहरू युवा केंद्र में भी कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्तियां एमपीकॉन के जरिए हुई हैं।
जांच कर कार्रवाई करेंगे
अभी बाढ़ राहत कार्य में ड्यूटी लगी है। इस कारण कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती संबंधी मामले की जानकारी नहीं देख पाई हूं। जानकारी एकत्रित करके जांच कर कार्रवाई करेंगे।
लता कृष्णन, महाप्रबंधक, केंद्रीय सहकारी बैंक, शिवपुरी






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