गृहमंत्री के आदेश की पुलिस और आबकारी टीम कर रही है अव्हेलना
ठेकेदार ने खोली अवैध शराब की दुकानें
एक गांव में दो से तीन जगहों पर बेचीं जा रही अवैध शराब

करैरा।आवकारी शराब ठेकेदार की दो देशी और एक विदेशी शराब की दुकान वैध है इन तीन वैध दुकानों से 250 अवैध शराब की दुकाने करैरा की 66 ग्राम पंचायतो में हर टोले मजरे पर शराब माफिया के ठेकेदार द्वारा पुलिस विभाग और आवकारी विभाग के उप निरीक्षक की सांठगांठ से खोली गई है।
उलेखनीय है की प्रदेश के गृह मंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग की टीम को निर्देशित किया था कि वह अवैध शराब पकड़े जाने पर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे इसके बावजूद भी पुलिस और आबकारी विभाग एक कर्मचारी पर मामला कायम कर लेते है, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ नहीं करते है। परिणामस्वरुप गांव गांव में खुली अवैध शराब की दुकानो से अवैध शराब की बिक्री इन दिनों जोरों पर बनी हुई है। शराब बिक्री का आलम यह है कि गांव गांव में किराना दुकानों पर देशी मदिरा के साथ साथ विदेशी मदिरा भी बेची जा रही है। गांव गांव आसानी से शराब की उलब्धता के चलते गांवों मे शराबियो की संख्या भी बढ गई है तथा गांव गांव में शराब बिक्री के दुष्परिणाम भी देखने में आ रहे है। जिसके कारण गांव में लडाई झगडों के मामले सामने आ रहे हैं। गांव गांव में शराब विक्री ज्यादा हो जिसके चलते शराब ठेकेदार द्वारा कमीशन पर गांव गांव में शराब की दुकाने खुलवाई गई है जो गैर कानूनी है। इन सबके बाबजूद करैरा शराब ठेकेदार को पुलिस विभाग और आवकारी विभाग खुलेआम अपना संरक्षण दिये हुये है।
बॉक्स
शराब ठेकेदार निजी वाहन से गांव-गांव करते हैं शराब की सप्लाई
प्रतिदिन आवकारी ठेकेदार अपने वाहन से शराब उपलब्ध करवाता है। गांव गांव में खुली अवैध शराब की दुकाने पुलिस विभाग और आवकारी विभाग सबकुछ जानकर भी अंजान बना है। यही कारण है कि पुलिस द्वारा पकडी जाने बाली अवैध शराब गांव की दुकानों से न होकर रोड पर शराब लेकर खडे व्यक्तिओं से ही बरामद दिखाई जाती है जबकि गांव की दुकानों को अनदेखा कर दिया जाता है । तथा अधिकांश मामलों में कच्ची कंजर व्हीस्की ही बरामद दिखाई जाती है जबकि सच यह है कि देशी शराब की एक गांव में एक से अधिक कमीशन की दुकानें संचालित बनी हुई हैं जो पुलिस के लिये दुधारी गाय सिद्ध हो रही हैं। इधर शराब बिक्री के नाम पर ठेकेदार द्वारा महीना दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर शराब पीकर हो रहे झगडों के परिणाम स्वरुप आने वाली रिपोर्टों को निपटाने में अतिरिक्त आय हो रही है। यही वजह है कि इन गांव गांव में खुली दुकानों को पुलिस द्वारा देखकर भी अनदेखा किया जाता है।
बॉकस
थाने से 200 मीटर की दूरी पर चल रही अवैध शराब की दुकान
करैरा नगर में थाने से 200 मीटर की दुरी पर कृषि उपज मण्डी के सामने राजू किराने के बगल से अवैध शराब की दुकान खोली गई है । साथ ही शिवपुरी झाँसी रोड स्थित हाइवे के सभी ढाबो पर करैरा के होटलो पर श्योपुरा चिनोद मुंगावली मछावली करौठा चौका बहादुरपुर काली पहाड़ी कुमरौआ बम्हारी निचरौली खिरिया पुनावली सेमरा खुदावली थनरा बघेदरी सिल्लारपुर कलोथरा जुझाई रहरगवा सिरसोना हाथरस अमोला क्रेसर बघरा साजौर बरौदि बडौरा टीला डुमघना नारही सिलानगर पारगढ़ दीवट दिदावली राजगढ़ पठा लंगुरी हाजी नगर लालपुर आढऱ बासगढ़ छिरारी आदि कई गांव है जहा एक गांव में दो दो जगहों पर अवैध शराब बेचीं जा रही है।
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इनका कहना
करैरा में जब भी अवैध शराब की दुकाने चलने की सूचना मिलती है तो हम समय समय पर कार्यवाही करते है। अवैध शराब बेचने बाले बख्सो नही जायेंगे।
एके शर्मा, उपनिरीक्षक
आबकारी विभाग करैरा
ठेकेदार ने खोली अवैध शराब की दुकानें
एक गांव में दो से तीन जगहों पर बेचीं जा रही अवैध शराब
करैरा।आवकारी शराब ठेकेदार की दो देशी और एक विदेशी शराब की दुकान वैध है इन तीन वैध दुकानों से 250 अवैध शराब की दुकाने करैरा की 66 ग्राम पंचायतो में हर टोले मजरे पर शराब माफिया के ठेकेदार द्वारा पुलिस विभाग और आवकारी विभाग के उप निरीक्षक की सांठगांठ से खोली गई है।
उलेखनीय है की प्रदेश के गृह मंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग की टीम को निर्देशित किया था कि वह अवैध शराब पकड़े जाने पर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे इसके बावजूद भी पुलिस और आबकारी विभाग एक कर्मचारी पर मामला कायम कर लेते है, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ नहीं करते है। परिणामस्वरुप गांव गांव में खुली अवैध शराब की दुकानो से अवैध शराब की बिक्री इन दिनों जोरों पर बनी हुई है। शराब बिक्री का आलम यह है कि गांव गांव में किराना दुकानों पर देशी मदिरा के साथ साथ विदेशी मदिरा भी बेची जा रही है। गांव गांव आसानी से शराब की उलब्धता के चलते गांवों मे शराबियो की संख्या भी बढ गई है तथा गांव गांव में शराब बिक्री के दुष्परिणाम भी देखने में आ रहे है। जिसके कारण गांव में लडाई झगडों के मामले सामने आ रहे हैं। गांव गांव में शराब विक्री ज्यादा हो जिसके चलते शराब ठेकेदार द्वारा कमीशन पर गांव गांव में शराब की दुकाने खुलवाई गई है जो गैर कानूनी है। इन सबके बाबजूद करैरा शराब ठेकेदार को पुलिस विभाग और आवकारी विभाग खुलेआम अपना संरक्षण दिये हुये है।
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शराब ठेकेदार निजी वाहन से गांव-गांव करते हैं शराब की सप्लाई
प्रतिदिन आवकारी ठेकेदार अपने वाहन से शराब उपलब्ध करवाता है। गांव गांव में खुली अवैध शराब की दुकाने पुलिस विभाग और आवकारी विभाग सबकुछ जानकर भी अंजान बना है। यही कारण है कि पुलिस द्वारा पकडी जाने बाली अवैध शराब गांव की दुकानों से न होकर रोड पर शराब लेकर खडे व्यक्तिओं से ही बरामद दिखाई जाती है जबकि गांव की दुकानों को अनदेखा कर दिया जाता है । तथा अधिकांश मामलों में कच्ची कंजर व्हीस्की ही बरामद दिखाई जाती है जबकि सच यह है कि देशी शराब की एक गांव में एक से अधिक कमीशन की दुकानें संचालित बनी हुई हैं जो पुलिस के लिये दुधारी गाय सिद्ध हो रही हैं। इधर शराब बिक्री के नाम पर ठेकेदार द्वारा महीना दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर शराब पीकर हो रहे झगडों के परिणाम स्वरुप आने वाली रिपोर्टों को निपटाने में अतिरिक्त आय हो रही है। यही वजह है कि इन गांव गांव में खुली दुकानों को पुलिस द्वारा देखकर भी अनदेखा किया जाता है।
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थाने से 200 मीटर की दूरी पर चल रही अवैध शराब की दुकान
करैरा नगर में थाने से 200 मीटर की दुरी पर कृषि उपज मण्डी के सामने राजू किराने के बगल से अवैध शराब की दुकान खोली गई है । साथ ही शिवपुरी झाँसी रोड स्थित हाइवे के सभी ढाबो पर करैरा के होटलो पर श्योपुरा चिनोद मुंगावली मछावली करौठा चौका बहादुरपुर काली पहाड़ी कुमरौआ बम्हारी निचरौली खिरिया पुनावली सेमरा खुदावली थनरा बघेदरी सिल्लारपुर कलोथरा जुझाई रहरगवा सिरसोना हाथरस अमोला क्रेसर बघरा साजौर बरौदि बडौरा टीला डुमघना नारही सिलानगर पारगढ़ दीवट दिदावली राजगढ़ पठा लंगुरी हाजी नगर लालपुर आढऱ बासगढ़ छिरारी आदि कई गांव है जहा एक गांव में दो दो जगहों पर अवैध शराब बेचीं जा रही है।
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इनका कहना
करैरा में जब भी अवैध शराब की दुकाने चलने की सूचना मिलती है तो हम समय समय पर कार्यवाही करते है। अवैध शराब बेचने बाले बख्सो नही जायेंगे।
एके शर्मा, उपनिरीक्षक
आबकारी विभाग करैरा





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