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संसार के समस्त प्राणियो से मैत्री भाव की बात जैन धर्म करता है। मुनि श्री विशोक सागर जी

खनियाधाना :खनियाधाना मे पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बडा मन्दिर चल रहे चतुर्मास गणाचार्य मुनि श्री 108 विराग सागर महाराज जी के शिष्य ओजस्वी वक्ता श्रमण मुनि श्री विशोक सागर जी महाराज एंव श्रमण मुनि श्री विघेय सागर जी महाराज का बर्षा योग चल रहा है।प्रतिदान वहने बाली ज्ञानगंगा मे स्नान करने दूर दूर से श्रावक श्रेष्ठी आ रहे है। प्रवचन के साथ प्रतिदीन धार्मिक अनुस्ठानो का आयोजन जैन मंदिरो मे हो रहा है। उसी क्रम मे 2 अगस्त  बुधवार  को श्री संभवनाथ जिनालय खिरकिट मन्दिर जी मे वेदी सिलान्यास पूज्य मुनि श्री के सानिधि मे होने जा रहा है। कार्यक्रम इस प्रकार है प्रातःकालीन 6:30 बजे से श्री संभवनाथ भगवान जी का अभिषेक पूजन दोपहर मे बेदीयो का सिलन्यास एवं मुनि श्री के प्रवचन सांय को . स्थानिय एवं बाहर से पधारे सभी  समाज बन्धुओ का स्नेह भोज है। समस्त कार्यक्रम मे पधारने की अपील आयोजक मण्डल द्वारा की गई है। मुनि श्री विशोक सागर जी महाराज जी ने प्रवचन मे चल रहे मेरी भावना की श्रंखला मे वताया कि मानव जीवन पाकर के स्व कल्याण के साथ साथ पर कल्याण की भावना रखने वाला  ही सच्चा धर्मात्मा है ! पारलोकिक कार्यो में तो स्वंय के ही कल्याण के साथ जितना संभव हो दूसरो के कल्याण के लिय कार्य करना चाहिए। लेकिन लोकिक संसार कार्यों मैं स्वार्थ त्याग कर स्वयं कष्ट उठाना दुसरो की मदद सेवा करना ही मानव जीवन का सार है, भगवान राम सीता जी के हरण पश्चात जंगल जंगल दुखी होकर सीता सीता पुकारते हुए घूम रहे थे लेकिन जैसे ही घायल जटायु पर नजर पड़ी अपना दुख भूल कर जटायु की सेवा में लग गये। हमारा मन्दिर आना , पूजन अभिषेक करना स्वाध्याय करना आदि तभी सार्थक है जब हम दूसरों के दुख दर्द में सहभागी बने । हमारा जीवन सरल क्रोध अहंकार लोभ अब्रह्म जेसे पापों से दूर  सदा परोपकार की भावना मय होना चाहिए लेकिन होता गजस्थान वत है जैसे हाथी नदी तालाब मैं खूब नहाता है लेकिन जैसे ही बाहर आता है अपने ऊपर धूल डाल लेता है, उसी प्रकार हम मन्दिर मैं पूजन प्रवचन स्वाध्याय के माध्यम से अपने आप को पापों से बचने की बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन मन्दिर से बाहर आते ही पुनः उन पाँच पापों मैं रच बस जाते है, ओर पुनः कसायो मैं अपने जीवन को लगा देते हैं।
मुनि श्री विशोक सागर जी महाराज एंव मुनि श्री विधेय सागर जी महाराज के सानिध्य मे योग गुरुयो द्वारा श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बडे मन्दिर जी के प्राणगड मे गुरुवार से पाँच दिवसिय योगाभ्यास शुरु होने जा रहा है। जिसमे योग लाभ लेने ज्यादा से ज्यादा संख्या मे बडे मन्दिर ज के प्राणगड मे सुबह 5:30 बजे से पुरुष बच्चे पहुचे। योगा मुनि श्री के सानिध्य मे रोजाना मुक्तिधाम मे सुबह 5:30 बजे से चल रहा है। योग गुरु बहाद्दुर जी के द्वारा कराया जा रहा है।
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