यूपी-बिहार !लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर भारत के कई राज्यों में हाहाकार मचाहै। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में बाढ़ के कारण लाखों लोग
प्रभावित हैं। गंगा, ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर
पहुंच गई हैं और दस लाख से ज्यादा लोगों को घरों से बेघर होना पड़ा
है। रेलवे ट्रैकों पर पानी भर जाने के बाद ट्रेने रद्द कर दी गई हैं, साथ
ही कई जगह पूरे के पूरे गांव जलमग्न हो गए हैं। कई जगह एयरपोर्ट के रनवे पर
पानी भरने के बाद वहां उड़ानों का संचालन रोक दिया गया हैबता दें कि देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों के कई इलाके डूब गए हैं और लोग
अपनी जान-बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। असम और पश्चिम बंगाल में
पिछले तीन दशकों का रिकॉर्ड टूट गया है।
वहीं बिहार के सीमांचल जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में बाढ़
के हालात लगातार बने हुए हैं। यहां अस्पतालों में पानी घुस गया है और
दवाईयों के खराब हो जाने का खतरा मंडरा रहा है।
बिहार के किशनगंज में बाढ़ की वजह से रेल पटरी के नीचे की जमीन धंस गई और
ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे
से दिल्ली से डिब्रुगढ़ (असोम) जा रही ब्रह्मपुत्र मेल को मुगलसराय से ही
टर्मिनेट करने का निर्णय लिया।
देश के पूर्वी हिस्से पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है, जहां
असम में स्थिति बेहद खराब है। यहां बीते 24 घंटों में बाढ़ से 10 लाख लोग
बुरी तरह हुए प्रभावित हैं। वहीं राज्य के 21 जिलों में 15 लाख से ज्यादा
प्रभावित हैं। लगभग 3,000 ग्रामीणों को बचाया गया और राहत शिविरों में
स्थानांतरित कर दिया गया। बाढ़ की वजह से काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क काफी
प्रभावित हुआ है।।





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