नई दिल्ली। दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के लिए जाने
वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें 500 रुपए तक की जांच के लिए कोई
कर्च नहीं करना पड़ेगा और यह बिल्कुल मुफ्त होगी। स्वतंत्रता दिवस के मौके
पर एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इलाज, मेडिकल शिक्षा व शोध में
सुधार के लिए कई एलान किए। अहम बात यह है कि संस्थान में पहुंचने वाले
मरीजों के लिए 500 रुपये से कम शुल्क की हर तरह की जांच निशुल्क होगी। एक
सप्ताह में यह योजना लागू हो जाएगी।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि देश का
अग्रणी चिकित्सा संस्थान होने के नाते देश भर के लोग एम्स में इलाज के लिए
आते हैं। हर साल इलाज के लिए करीब 30 लाख मरीज यहां पहुंचते हैं। भीड़ अधिक
होने से मरीजों को कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। संस्थान में सर्जिकल
ब्लॉक बनकर तैयार है। मातृ व शिशु ब्लॉक तथा ओपीडी ब्लॉक भी जल्द तैयार हो
जाएंगे। इसके अलावा हरियाणा के झज्जर कैंपस में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का
निर्माण अगले साल सितंबर-अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। एक साल में सभी नए
ब्लॉकों में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा।
प्राइवेट वार्ड में इलाज का बढ़ेगा खर्च
एम्स
में मरीजों को ओपीडी पंजीकरण के लिए 10 रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
इसके अलावा कई ऐसी जांच हैं जिनका शुल्क 500 रुपये से कम है। अक्सर मरीजों
को कई तरह की जांच करानी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को शुल्क भुगतान के लिए
कई बार लाइन में लगना पड़ता है।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि 500 रुपये से
कम शुल्क की जांच से संस्थान को खास राजस्व नहीं मिलता है बल्कि शुल्क जमा
करने के लिए लाइन में लगने वाले मरीजों या तीमारदारों को परेशानी अधिक होती
है। इसलिए 500 रुपये से कम शुल्क नहीं लिए जाएंगे। इससे गरीब मरीजों को
आर्थिक राहत भी मिलेगी। इसकी भरपाई प्राइवेट वार्ड का शुल्क बढ़ाकर की
जाएगी।
अगले महीने शुरू होगा विश्राम सदन
एम्स
में मरीज और उनके तीमारदार परिसर के अंदर व बाहर सड़क किनारे फुटपाथ पर पड़े
दिखते हैं। अब 200 बेड की क्षमता वाला बहुमंजिला विश्राम सदन बनकर तैयार
है। इसे अगले महीने शुरू किया जाएगा। इससे मरीजों को विश्राम सदन में जगह
मिल पाएगी।
कंपनियों से फंड जुटाएगा एम्स
एम्स
ने कंपनियों के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) फंड से बजट एकत्रित
करने की योजना तैयार की है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि इस कार्य के लिए एक
कमेटी गठित की गई है। मीडिया प्रोटोकॉल डिविजन की चेयरमैन डॉ. आरती विज ने
कहा कि सभी कंपनियों के लिए दो फीसद बजट सीएसआर के तहत सामाजिक कार्यो में
खर्च करना अनिवार्य है। इसके तहत एम्स कंपनियों से समझौता करेगा और उनसे
मिले फंड को गरीब मरीजों के इलाज पर खर्च करेगा।
एम्स में 500 रुपये तक की जांचे होंगी मुफ्त
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