खनियांधाना :– देश विदेश में ख्याति प्राप्त व जैन समाज के युवाओं के चहेते विद्वान आद. बाल ब्र. सुमत प्रकाश जी के पिताजी श्री अशोक जैन का विदिशा में गत दिवस निधन का समाचार सुनकर पूरे मुमुक्षु मंडल व जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गयी । इसी क्रम में मंगलवार रात्रि स्थानीय नया जैन मंदिर पर समाज की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें उनके प्रति शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की सदगति की प्रार्थना की गयी ।सभा में जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार जैन पड़हार , पं. सुधीर कुमार जी शास्त्री अमरमऊ , पं. मिश्रीलाल जैन सहित सैकड़ों की संख्या में महिला , पुरुष उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन पं. आकाश जैन शास्त्री ने किया । सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने स्व. अशोक कुमार जी बाबूजी के जीवन के संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन स्वाध्याय और तत्वज्ञानसे भरा हुआ था । वे संस्कारॊ की खान थे जिसका सीधा असर उनके परिवार व पुत्रों पर पड़ा जिससे वह स्वयं तो मोक्ष मार्ग के प्रति आतुर थे एवं परिवार को भी उस रूप शिक्षा दी । जिसका परिणाम है कि आज पूरे भारत ही नहीँ बल्कि विदेशों में भी ब्र. सुमत प्रकाश जी जैन सिद्धांतों का डंका बजा रहे हैं तथा अपनी सरल सिद्धांत प्रतिपादन शैली से युवाओं के चहेते विद्वान बनकर जिनवाणी का सच्चा प्रचार प्रसार कर रहे हैं । धन्य हैं ऐसे जीव जो स्वमं तो इस मार्ग पर लगे व दूसरों को भी इस भव समुद्र से तारने के संस्कार दे और धन्य हैं ऐसे पिता जिन्होने अपने पुत्र को देव गुरु धर्म की सेवा और स्वयं के कल्याण के लिये समर्पित कर दिया ।
पिताजी के जीवन मे तत्वज्ञान का इतना बल था की हार्ट की सबसे गम्भीर समस्या होने पर भी चेहरे पर शान्ति और प्रसन्नता अन्तिम समय तक बनी रही , जब भी कोई साधर्मी उनसे मुखातिब होता तो धर्म चर्चा और आत्मा की चर्चा के अलावा कोई और बात नही करते थे ।
दो माह पहले खनियांधाना शिविर में वह शारीरिक रूप से समर्थ नहीं होने के वाबजूद पूरे एक माह रुके व पूरे शिविर का लाभ लिया । बाबू जी हमेशा समाज में एक आदर्श पिता और आदर्श व्यक्तित्व के रूप में हम सभी कि स्मृति में रहेंगे तथा उन्होंने निश्चित ही सदगति प्राप्त की होगी व अल्पकाल में ही परम सुख की दशा को प्राप्त होंगे । शोक व्यक्त करने वालों में संतोष वैध , बहिन प्रीति पुजारी प्रधानाध्यापिका नंदीश्वर विद्यालय , सुनील सरल , सुरेन्द्र कोठादार सहित श्री नेमिनाथ दिग. जैन मंदिर ट्रस्ट , अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन शाखा खनियाधाना, मुमुक्षु मंडल खनियाधाना , नव जिज्ञासा मण्डल , महिला मंडल आदि शामिल थे !





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