
करैरा।
मुस्लिम समुदाय के ईदुल जुहा का पर्व आज शनिवार को नो बजे ईदगाह पर ईद की
दो रकात नमाज अदा करने के बाद मनाई जायेंगी। ईद की नमाज शाही जामा मस्जिद
के पेश इमाम इनामुल्लाह कासमी के द्वारा अदा कराई जाएँगी। वही जामा मस्जिद
और मोती मस्जिद में ईद की नमाज अदा कराई जायेंगी । करैरा की शाही जामा
मस्जिद में हाफिज नासिर अहमद कारी द्वारा नो बजे और मोती मस्जिद में हाफिज
अतीक नदवी के द्वारा भी सवा नो बजे ईद की नमाज दो गाना अदा कराई जाएँगी।
उक्त आशय की जानकारी देते हुये शहर काजी मंजरे आलम ने बताया है की ईदुलजुहा
का पर्व हजरत इब्राहिम अलैह हिस्सलाम और हजरत इस्माईल अलैह हिस्सलाम की
याद में मनाया जाता है। इस पर्व के मौके पर बकरो की कुर्बानी दी जाती है।
जिन पर जकात फर्ज है। उन पर कुर्बानी वाजिव हो जाती है अगर कोई क़ुर्बानी
नही कर सकता है तो वह फी हिस्सा भी ले सकता है। ईद की नमाज के बाद कुर्बानी
की जाती है।
मुस्लिम समुदाय के ईदुल जुहा का पर्व आज शनिवार को नो बजे ईदगाह पर ईद की
दो रकात नमाज अदा करने के बाद मनाई जायेंगी। ईद की नमाज शाही जामा मस्जिद
के पेश इमाम इनामुल्लाह कासमी के द्वारा अदा कराई जाएँगी। वही जामा मस्जिद
और मोती मस्जिद में ईद की नमाज अदा कराई जायेंगी । करैरा की शाही जामा
मस्जिद में हाफिज नासिर अहमद कारी द्वारा नो बजे और मोती मस्जिद में हाफिज
अतीक नदवी के द्वारा भी सवा नो बजे ईद की नमाज दो गाना अदा कराई जाएँगी।
उक्त आशय की जानकारी देते हुये शहर काजी मंजरे आलम ने बताया है की ईदुलजुहा
का पर्व हजरत इब्राहिम अलैह हिस्सलाम और हजरत इस्माईल अलैह हिस्सलाम की
याद में मनाया जाता है। इस पर्व के मौके पर बकरो की कुर्बानी दी जाती है।
जिन पर जकात फर्ज है। उन पर कुर्बानी वाजिव हो जाती है अगर कोई क़ुर्बानी
नही कर सकता है तो वह फी हिस्सा भी ले सकता है। ईद की नमाज के बाद कुर्बानी
की जाती है।






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