
करैरा।
समूचा करैरा नगर में बढ़ते बन्दरों के आतंक से पूरा शहर भय से डरा और सहमा
हुआ है । पिछले एक साल में बन्दरो की जनसंख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।
जहा कभी सौ से दो सौ बन्दर देखने मिलते थे लेकिन इस वर्ष अन्य वर्षो की
अपेक्षा 10 गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। करैरा स्थित दुर्ग घरियाली मोहल्ला
में आज एक हजार के करीब बन्दरो के झुंड को आसानी से देखा जा सकता है ।
बन्दरो के बढ़ते आतंक को समाचार पत्रों के द्वारा बन्दरों की समस्या का
समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर वार्ड 2 के बालकृष्ण दुबे
सोनू दुबे दिनेश श्रीवास्तव ने अपनी छत पर बन्दर पकड़ो अभियान शुरू कर दिया
है जिसमे पहले दिन वार्ड वासियो ने 21 बन्दरो को पकड़ा और उन्हें दोपहर
बाद को अमोला घाटी में छोड़ा गया।
प्रशासन नहीं चेता तो स्वयं लगे बन्दरों को पकडऩे
बन्दरो
के आतंक से बचने के लिए वार्ड वासियो ने अपनी जान जोखिम ने डाल कर बन्दर
को स्वयं पकडऩे लग गए । जब की यह काम वन विभाग नंप प्रशासन का होता है इसके
बाबजूद वार्ड 2 के बालकृष्ण दुबे पवन दुवे पाषर्द सोनू भारती दुवे दिनेश
श्रीवास्तव आनंद भार्गव राजा दीपक भार्गव ने बन्दरो को पकडऩे के लिए
मंगलवार से मुहिम चला दी है पहले ही दिन 21 बन्दरो को पकड़ा गया ।
पकडऩे वालों को मिलता है 300 रूपये बन्दर
करैरा
नगर से बन्दरों को पकडऩे बालो को एक बन्दर का 300 रूपये देना बताया है
जबकि पूर्व में 500 रूपये में नपं मथुरा की टीम को बुलाती थी और हजारो
रुपया देती थी और बन्दरो 100 से ज्यादा कभी नही पकड़े गए और खर्च हजारो में
दर्शाये गए । जब स्थानीय वाशिंदे स्वयं पकड़ रहे है तो तमाम नियम बताये
जाते है।
इनका कहना
हमारे वार्ड में बन्दरो काफी आतंक बढ़
गया है समय समय समाचार पत्रो ने बन्दरो की समस्या को प्रमुख्यता से
प्रकाशित की है । आज हमारे वार्ड में 21 बन्दरो को पकड़ा गया और उन्हें
अमोला के जंगल में छोड़ा गया है ।
सोनू दुबे, वार्ड पार्षद






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