
रन्नौद। हजरत इमाम हुसैन
साहब हसन हुसैन साहब की शहादत की याद में निकाले गए ताजिए। जगह जगह बाटा
गया लंगर नगाड़ों की मातमी धुन पर अखाड़े बाजों ने दिखाएं हेरत अंगेज करतब।
इस दौरान ताजिया उठाने की शुरुआत तखीया मौहल्ले इमाम बड़ा से हुई। जहां से
ताजिए के साथ-साथ अखाड़े बाजों ने एक विशाल जुलूस की शुरुआत की। जिसमें
बड़ी ही संख्या में हिन्दू मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुये। इसके बाद
जुलूस नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पंचायत चौराहे से निकलकर पुराने
बजार से होते हुये कई मौहल्ले पर पहुंचा। यहां पर मुस्लिम समुदाय के लोगों
द्वारा अखाड़ा का आयोजन रखा गया। जिसमें अखाड़े बाजों ने अपने हेरत अंगेज
करतब दिखाएं। जिसे देखने के लिये बड़ी संख्या में नगर सहित दूरदराज के
हजारों लोग आए। इस दौरान अखाड़े में हैरतअंगेज कर्तव्य दिखाने वाले सभी
कलाकारो को उनकी कला के आधार पर उनके जान जोखिम पुर्ण कर्तव्यों को देखते
हुये पहले तो सभी कर्तव्य दिखाने वालों को वहां पर मौजूद लोगों ने अपनी
दुआओं से नवाजा। और फिर वहां पर उपस्थित नगर के गणमान्य नागरिकों ने अखाड़े
में हैरतअंगेज कर्तव्य दिखाने वाले सभी कलाकारो इनाम देकर सम्मानित किया।
इसके बाद ताजिए अखाडा मैदान से निकलकर सदरबाजार चौराहे से होते हुये
मुकामी जगह पर पहुंचे। जहां पर सभी लोगों के लिए लंगर बाटा गया। इसमें
सबसे अहम कार्य किया जिससे हिन्दू मुस्लिम की एकता कायम रही पायेगा बाली
माता समिति के तरफ से पानी की पाउच और लंगर खूब जमकर बितरण किया इस कार्य
की शहर काजी मोहम्मद जाकिर साहब ने काफी तारीफ की।






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