बड़ी खामी के कारण बुधवार तड़के अहमदाबाद से रामदेवरा दर्शन करने जा रहे
श्रद्धालुओं से भरी बस रिवर्स आ रहे ट्रोले में घुस गई। हादसा इतना भयंकर
था कि बस के परखच्चे उड़ गए और एक महिला समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत
हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर तौर पर जख्मी हो गए। वहीं इलाज के दौरान एक महिला
ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद जाेर की आवाज के बाद मच गई चीख-पुकार…
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बस में सवार और हादसे की चश्मदीद लीला बेन ने बताया कि मंगलवार रात को 10
बजे साणंद से बस रवाना हुई थी। बुधवार सवेरे करीब 4.30 बजे जोर से आवाज आई
और हम अपनी सीट से नीचे गिर गए। फिर चारों तरफ चीक-पुकार मच रही थी। कुछ भी
समझ में नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद लोग आए और हमें बस से बाहर निकाला।
बस में सवार और हादसे की चश्मदीद लीला बेन ने बताया कि मंगलवार रात को 10
बजे साणंद से बस रवाना हुई थी। बुधवार सवेरे करीब 4.30 बजे जोर से आवाज आई
और हम अपनी सीट से नीचे गिर गए। फिर चारों तरफ चीक-पुकार मच रही थी। कुछ भी
समझ में नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद लोग आए और हमें बस से बाहर निकाला।
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हादसे की दूसरी चश्मदीद बस पैसेंजर भीकी बेन के मुताबिक, रात को बस साणंद
से रवाना होने के बाद सभी पैसेंजर्स बस में सो रहे थे। सवेरे करीब 4.30 बजे
होंगे और अचानक तेज धमाके की आवाज आई और पूरी बस हिल गई। सीटों पर सो रहे
लोग नीचे गिर गए। कुछ देर बाद पता चला एक्सीडेंट हुआ है और लोग हमें बस से
बाहर निकाल रहे थे। लोगों को काफी चोंटें लगी थी।
हादसे की दूसरी चश्मदीद बस पैसेंजर भीकी बेन के मुताबिक, रात को बस साणंद
से रवाना होने के बाद सभी पैसेंजर्स बस में सो रहे थे। सवेरे करीब 4.30 बजे
होंगे और अचानक तेज धमाके की आवाज आई और पूरी बस हिल गई। सीटों पर सो रहे
लोग नीचे गिर गए। कुछ देर बाद पता चला एक्सीडेंट हुआ है और लोग हमें बस से
बाहर निकाल रहे थे। लोगों को काफी चोंटें लगी थी।
इसलिए हुआ हादसा
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यहां दो नेशनल हाईवे जुड़ते हैं, लेकिन यहां डायरेक्शन दिखाने वाला बोर्ड
इतना छोटा हैं कि अक्सर ड्राइवर्स को नजर नहीं आता। बुधवार को भी इसी कारण
हादसा हुआ। रात के वक्त बोर्ड नजर नहीं आने से पहले ट्रोला गलत रोड पर चला
गया, उसके बाद बस भी गलत रास्ते पर चली गई। ऐसे में ट्रोला रिवर्स आ रहा
था, जिससे पीछे आई बस उसमें घुस गई और तीन जिंदगियां खत्म हो गई।
यहां दो नेशनल हाईवे जुड़ते हैं, लेकिन यहां डायरेक्शन दिखाने वाला बोर्ड
इतना छोटा हैं कि अक्सर ड्राइवर्स को नजर नहीं आता। बुधवार को भी इसी कारण
हादसा हुआ। रात के वक्त बोर्ड नजर नहीं आने से पहले ट्रोला गलत रोड पर चला
गया, उसके बाद बस भी गलत रास्ते पर चली गई। ऐसे में ट्रोला रिवर्स आ रहा
था, जिससे पीछे आई बस उसमें घुस गई और तीन जिंदगियां खत्म हो गई।
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गुजरात के रहने वाले गाड़ा ठाकुर ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी
जीवत बैन और दूसरे लोगों के साथ ट्रैवल बस में मंगलवार रात करीब 10 बजे
साणंद से रवाना हुए थे। बुधवार तड़के करीब 4.30 बजे सिरोही रोड के पास
अचानक गलत साइड में चल रहे ट्रोलर से टक्कर हो गई, जिससे बस का ड्राइवर
साइड का हिस्सा पूरी तरह से डेमेज्ड हो गया, जिससे बस के अंदर बैठे
श्रद्धालुओं को चोटें आईं। ड्राइवर साइड के पास बैठे रामचंद्र (55) ,
कलाबेन(45) की मौके पर मौत हो गई।
गुजरात के रहने वाले गाड़ा ठाकुर ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी
जीवत बैन और दूसरे लोगों के साथ ट्रैवल बस में मंगलवार रात करीब 10 बजे
साणंद से रवाना हुए थे। बुधवार तड़के करीब 4.30 बजे सिरोही रोड के पास
अचानक गलत साइड में चल रहे ट्रोलर से टक्कर हो गई, जिससे बस का ड्राइवर
साइड का हिस्सा पूरी तरह से डेमेज्ड हो गया, जिससे बस के अंदर बैठे
श्रद्धालुओं को चोटें आईं। ड्राइवर साइड के पास बैठे रामचंद्र (55) ,
कलाबेन(45) की मौके पर मौत हो गई।
– हादसे की सूचना मिलते ही
पुलिस टीम ने मौके पहुंचकर जख्मियों को 108 एंबुलेंस से नजदीकी भिजवाया।
सिरोही अस्पताल भेजे गए जख्मियों में इलाज के दौरान कला बेन(47) अहमदाबाद
की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस टीम ने मौके पहुंचकर जख्मियों को 108 एंबुलेंस से नजदीकी भिजवाया।
सिरोही अस्पताल भेजे गए जख्मियों में इलाज के दौरान कला बेन(47) अहमदाबाद
की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मदद को उठे हाथ
बुधवार
तड़के अजारी फाटक के पास हुए भयंकर हादसे में जख्मियों और उनके साथियों की
मदद के लिए लोकल लोगों, पब्लिक रिप्रेसेंटेर और सोशल ग्रुप्स आगे आए।
हादसे होने के दौरान जख्मियों को बस से बाहर उतारने और चाय-पानी इंतजाम और
जख्मियों को अस्पताल तक पहुंचाने में लोगों ने मदद की।
तड़के अजारी फाटक के पास हुए भयंकर हादसे में जख्मियों और उनके साथियों की
मदद के लिए लोकल लोगों, पब्लिक रिप्रेसेंटेर और सोशल ग्रुप्स आगे आए।
हादसे होने के दौरान जख्मियों को बस से बाहर उतारने और चाय-पानी इंतजाम और
जख्मियों को अस्पताल तक पहुंचाने में लोगों ने मदद की।





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