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14 साल बाद अलकनंदा रिजॉर्ट को लेकर UP और उत्तराखंड सरकार में सुलह


हरिद्वार के एक रिजॉर्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच अब सुलह हो गई है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि दो हफ्ते में वो सहमति की शर्तें और प्रावधान का हलफनामा दायर कर देगी.

उत्तर प्रदेश सरकार की वकील ऐश्वर्या भाटी ने आजतक को बताया कि रिजॉर्ट को लेकर सहमति बन गई है. हरिद्वार में अलकनंदा रिजॉर्ट के पास ही दूसरा रिजॉर्ट बनेगा, क्योंकि यहां एक और रिजॉर्ट बनाने के लिए पर्याप्त जमीन है.
हरिद्वार स्थित अलकनंदा रिजॉर्ट किस राज्य सरकार का होगा, ये दोनों राज्यों के बीच उच्च स्तरीय बैठक और मुख्यमंत्रियों के बीच सहमति के बाद तय होगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों सरकारों से कहा था कि इस मुद्दे पर दोनों राज्य बच्चों की तरह क्यों जिद पर अड़े हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि क्या हालात इतने बदतर हो गए हैं कि दोनों आपसी सहमति से इसको नहीं सुलझा सकते हैं? अदालत ने कहा था कि यह मामला आपसी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए.
इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों राज्यों को सोमवार तक बातचीत के जरिए इसे सुलझाने की मोहलत दी. वहीं, यूपी की ओर से पेश AAG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच उच्चस्तरीय बैठक में मुद्दे का हल निकालने की कोशिश की जाएगी. दरअसल, साल 2004 से यूपी और उतराखंड के बीच हरिद्वार स्थित अलकनंदा रिजॉर्ट के मालिकाना हक को लेकर खींचतान चल रही है. यह रिजॉर्ट फिलहाल यूपी टूरिज्म डिपार्टमेंट के पास है. अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ने यूपी से रिजॉर्ट मांगा था.
इस पर यूपी सरकार ने साफ इनकार कर दिया था. इसके बाद मामला केंद्र सरकार के पास गया था. मामले को लेकर उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी. केंद्र सरकार ने भी रिजॉर्ट उत्तराखंड को देने को कहा था. केंद्र के इसी आदेश को चुनौती देते हुए यूपी सरकार ने साल 2004 में सुप्रीम कोर्ट में दीवानी मुकदमा दाखिल किया था, जिसकी सुनवाई चल रही है.
यूपी सरकार का कहना है कि हरिद्वार में उसके दो रिजॉर्ट थे. उनमें से एक उत्तराखंड सरकार को दिया जा चुका है. अब वो दूसरे यानी अलकनन्दा रिजॉर्ट पर भी दावा कर रही है, जबकि यह रिजॉर्ट वो खुद रखना चाहती हैं.
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर दोनों राज्यों के अड़ियल रवैये पर नाराजगी जताते हुए आपसी बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने को कहा था. अब जनवरी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बातचीत के बाद विस्तृत हलफनामा आ जाएगा, तब चीजें और साफ हो जाएंगी.
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