
इंदौर। बहू मायके से नहीं लौटी तो बेंगलुरु के व्यापारी (ससुर) ने मैरिज ब्यूरो के संचालक सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की। डीआईजी ने जांच एरोड्रम पुलिस को सौंप दी। टैक्सटाइल व्यापारी उत्तमचंद (55) पिता हस्तीमल गांधी सोमवार को डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र से मिले। उन्होंने आरोपी बाबूलाल जैन निवासी साठ फिट रोड एरोड्रम, प्रदीप जैन निवासी स्कीम-71, सुमित्रा पति रमेश जैन निवासी प्रजापत नगर, संध्या पति रवि जैन सूरत गुजरात के खिलाफ शिकायत की।उन्होंने कहा कि बेटे सोहन की शादी के लिए इंदौर स्थित मैरिज ब्यूरो के संचालक बाबूलाल जैन और प्रदीप जैन ने लक्ष्मी, उसकी माता सुमित्रा, पिता रमेश जैन से बात करवाई। 5 जुलाई 2016 को इंदौर में ही सोहन और लक्ष्मी की शादी करवा दी। उन्होंने शादी खर्च के लिए रमेश को 7 लाख रुपए भी दिए। शादी के दो माह बाद बहू मुंह बोले भाई और चाचा के साथ मायके आ गई। कई बार संपर्क करने के बाद भी वह नहीं लौटी। आरोपी लक्ष्मी, बाबूलाल और प्रदीप की पड़ताल की तो धोखाधड़ी का पता चला।
गुजरात में करा दी दूसरी शादी
व्यापारी को जानकारी मिली कि आरोपियों ने लड़की को जैन समाज की बताकर शादी करवाई थी, जबकि वह जैन समाज से तालुख नहीं रखती थी। आरोपियों ने 18 जून 2017 को गुजरात में किसी व्यापारी से लक्ष्मी की फिर शादी करवा दी। बहू के नहीं आने से पिता को ब्रेन स्ट्रोक का अटैक आ गया, जिससे वो पैरालाइज हो गए।
25 हजार में नकली रिश्तेदार
डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक मैरिज ब्यूरो संचालकों के पास नकली सील और उपरकण है, जिससे वे नकली मार्कशीट, टीसी, आधार कार्ड, मतदाता परिचय-पत्र, प्रेस कार्ड बनाते हैं। 20 से 25 हजार रुपए लेकर लड़की के नकली रिश्तेदार भी खड़े कर देते हैं।






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