भिंड के ठेकेदार ने 21 मजूदरों को बनाया था बंधक
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के खनियाधाना के पास स्थित धर्मपुरा गांव के रहने वाले 21 मजदूर परिवारों को भिंड के एक किसान ने बंधक बना लिया और उनकी मजदूरी के रूपए नहीं दिए यहां तक कि उक्त किसान ने मजदूरों का खाना-पीना भी बंद कर दिया जिससे एक मजदूर कल्याण सिंह पुत्र शंकर आदिवासी निवासी धर्मपुरा की दो वर्षीय पुत्री विशाखा आदिवासी की भूख से बिलख-बिलखकर मौत हो गई। इस मामले में भिंड के बरासा थाने में कलेक्टर टी राजा इलैया के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी संग्राम सिंह के खिलाफ भादवि की धारा 370, 374 सहित हरिजन एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। वहीं प्रशासन ने मासूम का अंतिम संस्कार किया और पीडि़त परिवार को 10 हजार रूपए की सहायता राशि देकर उन्हें आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया है।
जानकारी के अनुसार धर्मपुरा का रहने वाला चंदन सिंह यादव गांव के 21 मजदूर परिवारों को 17 दिन पूर्व भिंड लेकर पहुंचा जहां उसे भिंड के रहने वाले संग्राम सिंह के यहां फसल काटने के लिए लगा दिया। इस दौरान संग्राम सिंह ने अपनी फसल कटवा ली और उन्हें 30 हजार रूपए का भुगतान कर दिया जबकि उनकी मजदूरी के 78 हजार रूपए रोक लिए। जब मजदूरों ने उक्त रूपए मांगे तो आरोपी ने उन्हें यह कहकर रूपए देने से इंकार कर दिया कि अभी उन्हें और भी काम करना है और वह काम पूर्ण होने के बाद ही उन्हें रूपए मिलेंगे। जब मजदूर रूपयों की मांग करने लगे तो आरोपी ने उन्हें बंधक बना लिया और उनका खाना-पीना रोक दिया इसी दौरान कल्याण सिंह की दो वर्षीय पुत्री विशाखा आदिवासी की भूख लगने से तबियत खराब हो गई और उन पर इलाज के लिए रूपए न होने के कारण वह अपनी पुत्री का इलाज नहीं करा सका। जिससे मासूम की मौत हो गई इसके बाद जैसे-तैसे कल सभी मजदूर आरोपी के चंगुल से छूटे तो वह रेलवे स्टेशन पहुंच गए जहां उन्हें सलाह दी गई कि वह इसकी शिकायत कलेक्टर से करें, लेकिन कलेक्टर वहां नहीं मिले तो किसी व्यक्ति ने कलेक्टर टी राजा इलैया को फोन पर सूचना दी जिस पर कलेक्टर ने मौके पर एसडीएम संतोष तिवारी को पहुंचाया और मासूम का अंतिम संस्कार कराया। इसके बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेतेे हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने दिलवाई मजदूरों की मजदूरी
बच्ची की मौत के बाद मजदूर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां मौके पर मौजूद एसडीएम संतोष तिवारी ने आरोपी संग्राम सिंह को बुलाकर उनकी मजूदरी के 78 हजार रूपए मजदूरों को वापस दिलवाए। वहीं आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।






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