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15 दिन में पानी नहीं आया तो दोशियान के अधिकारियों पर होगी एफआईआर

परिषद की बैठक बेनतीजा, दोशियान ने पानी लाने की नहीं दी कोई समय सीमा
शिवपुरी। सिंध नदी के पानी की शहर में सुनिश्चित रूप से सप्लाई हेतु नगरपालिका परिषद ने आज अपनी बैठक में सिंध जलावर्धन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी दोशियान के अधिकारियों को भी बुलाया। बैठक में दोशियान के संचालक रक्षित दोषी और महाप्रबंधक महेश मिश्रा उपस्थित तो हुए, लेकिन उन्होंने तमाम दबाव के बावजूद इस बात का कोई आश्वासन नहीं दिया कि वह शहर में सिंध नदी के पानी की लगातार सप्लाई कब तक करेंगे। यह बात अलग है कि नगरपालिका परिषद ने अपनी तरफ से दोशियान को 15 दिन की अवधि दी और साथ ही अल्टीमेटम दिया कि यदि इस समय तक शहर में सिंध नदी का पानी वह नहीं दे पाए तो उनके खिलाफ परिषद एफआईआर दर्ज कराएगी। 
बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है शहर में पेयजल संकट गंभीर रूप से गहराता जा रहा है और भूमिगत जलस्तर नीचे जाने से टयूबवैल दम तोड़ रहे हैं। हवाई पट्टी स्थित हाईडेंट में यदि जल स्तर नीचे चला गया तो ऐसे में आशा सिर्फ सिंध के पानी की है। नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने कहा कि 2011 में पूर्ण होने वाली यह योजना 7 साल बाद 2018 में भी पूर्ण नहीं हो पाई। उन्होंने दोशियान के अधिकारियों से कहा कि वह भले ही गर्मी में घर-घर तक पानी नहीं दे पाएं, लेकिन बायपास पर तो पानी दे दें ताकि हम उस जल का परिवहन कर जनता को पेयजल संकट से निजात दिलाएं। वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद वर्षा गुप्ता के पति पूर्व पार्षद संजय गुप्ता ने दोशियान से गुस्साए लहजे में पूछा कि वह बताएं कि कब तक शहर में पानी सप्लाई करेंगे। पार्षद बलवीर यादव ने कहा कि कल यशोधरा राजे सिंधिया के समक्ष दोशियान ने शहर में पानी पहुंचाने के लिए 1 अप्रैल तक का समय मांगा है और उन्हें यह समय देनार चाहिए। भाजपा पार्षदों ने दोशियान को समय देने की पैरवी की।
जल्द से जल्द पानी देंगे, लेकिन नहीं बता सकते समय सीमा : रक्षित दोषी 
दोशियान के संचालक रक्षित दोषी ने अपनी बात रखने में हृदय और मस्तिष्क का बखूबी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मैं शिवपुरीवासियों के दर्द को समझ सकता हूं, क्योंकि जो योजना 2011 में खत्म होनी थी वह आज तक पूर्ण नहीं हो सकी, लेकिन इसमें हमारा दोष क्या है? कहा जा रहा है कि काम की गुणवत्ता खराब है, लेकिन मैं इससे असहमत हूं और परिषद यदि गुणवत्ता की जांच के लिए कोई तकनीकी टीम बनाती है तो हम उसका सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन जहां तक दोशियान पर एफआईआर कराने का सवाल है तो मेरा मानना है इससे हमारा मनोबल कमजोर होगा और काम में भी बिलंव होगा। जहां तक योजना में देरी का सवाल है तो वन विभाग की अनुमति न मिलने से योजना खटाई में पड़ गई थी और तीन साल पहले हमने भी अनुबंध समाप्त करने का निर्णय ले लिया था, लेकिन बाद में बढ़ी हुई दर देने में सहमति व्यक्त करने में हम फिर से अनुबंध में आए, लेकिन दो साल तक प्रोजेक्ट खटाई में पडऩे के कारण पाइप आदि सारा सामान लावारिस हालत में धूप, बरसात और ठंड सहन करता रहा। इसी का परिणाम है कि आज लगातार लीकेज हो रहे हैं। 30 किमी लंबी पाइप लाइन है और जिसमें 3 हजार ज्वॉइंट हैं। हमने अभी तक 200 प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं और हमारा अनुभव है कि पहले सीजन में इस तरह की दिक्कतें आती हैं जिस तरह की दिक्कतें इस प्रोजेक्ट में आ रही हैं। हम जानते हैं कि यदि गर्मी में हम शहर को पानी दे देंगे तो इससे हमारा मूल्य और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ेंगी और हम उस दिशा में प्रयासरत हैं, लेकिन स्पष्ट आश्वासन कैसे दे दें। सिर्फ यह कह सकते हैं कि लीकेज ठीक करने के बाद 10 दिन में हम ट्रायल शो करेंगे। हमें कानूनी रूप से पानी देने के लिए अनुबंध की शर्तों के अनुसार बाध्य नहीं किया जा सकता। अनुबंध के अनुसार अधिसूचना जारी होने के 6 माह तक हम जल सप्लाई के लिए विवश नहीं है। अनुबंध में यह भी वर्णित है कि सभी अनुमति मिलने के बाद एक  साल के भीतर हम पानी सप्लाई करेंगे जबकि अभी वन विभाग में स्पेस फीडर की अनुमति हमें नहीं मिली है इसके लिए नगरपालिका को 5 करोड़ 80 लाख रूपए वन विभाग में जमा कराने होंगे तब अनुमति मिलेगी। स्पेस फीडर न होने के कारण हम लगातार पेयजल सप्लाई करने में पावर ड्रिप के कारण असमर्थ हैं। 
15 दिन में पानी नहीं दिया तो हम अपराधी भी हैं : पार्षद आकाश शर्मा
कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा ने परिषद की बैठक में दोशियान के संचालक रक्षित दोषी को धमकी दी कि वह बायपास तक 15 दिन के भीतर पानी पहुंचा दें अन्यथा हम अपराधी भी हैं और उनसे निपट लेंगे। 
पानी पर राजनीति के नपाध्यक्ष पर लगे आरोप 
भाजपा पार्षद नीलम बघेल, विष्णु राठौर ने नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर पानी की राजनीति करने का आरोप लगाया। श्रीमति बघेल ने कहा कि कल यशोधरा राजे सिंधिया ने सिंध योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की थी जिसमें नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह को भी आमंत्रित किया गया था यदि उन्हें शहर की जनता को पानी पिलाने की फिक्र होती तो वह बैठक में अवश्य आते, लेकिन वह तो पानी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। इस पर निर्दलीय पार्षद साईस्ता खान ने अध्यक्ष का बचाव किया और कहा कि परिषद को कांग्रेस और भाजपा के चश्में से नहीं देखना चाहिए। 
नहीं बनी तकनीकी समिति 
बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने स्वीकार किया योजना में इसलिए विलंब हुआ, क्योंकि नगरपालिका के पास कोई तकनीकी जानकार नहीं था इसलिए सिंध जलावर्धन योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए सेवानिवृत यंत्री आरएन सिंह, एसएल बाथम आदि विशेषज्ञों की समिति बनानी चाहिए, लेकिन बैठक में कोई तकनीकी समिति नहीं बनाई गई। 

रक्षित दोषी ने मांगी माफी

बैठक में नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने दोशियान के संचालक रक्षित दोषी की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि उनके स्टाफ के महेश मिश्रा काफी गैरजिम्मेदार पूर्ण जवाब देते हैं। शहर की जनता पानी के लिए तरस रही है और उनका अमानवीय जवाब होता है अधिसूचना के 6 माह तक हमें पानी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इस पर श्री दोषी ने महेश मिश्रा का बचाव तो किया, लेकिन साथ ही कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को चोट पहुंची है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। 
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