
शिवपुरी। बदरवास के ग्राम ईशरी में रहने वाले महेन्द्र पुत्र जगन्नाथ यादव को शादी के 17 साल के लंबे अंतराल के बाद जुड़वा बच्चों के रूप में संतान सुख प्राप्त हुआ था। महेन्द्र के यहां जुड़वा बच्चों के रूप में पुत्र एवं पुत्री ने जन्म लिया तो परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। महेन्द्र द्वारा दष्टोन की तैयारियाँ की जा रही थी, लेकिन ईश्वर को तो कुछ और ही मंजूर था और 8 दिन बाद ही गाँव से बदरवास आ रहे महेन्द्र की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। महेन्द्र की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल निर्मित हो गया और सभी तैयारियाँ रखी रह गईं। इस प्रकार जन्म लेने के 8 दिन बाद ही दोनों मासूमों ने अपने पिता को और उनकी माँ ने अपना सुहाग खो दिया।






Be First to Comment