महिलाओं ने एकजुट होकर गेहूं से भरे लोडिंग वाहन को रोका और सेल्समैन को गाँव के बाहर खदेड़ा

शिवपुरी। शासन द्वारा चलाई जा रही तमाम जनहितकारी योजनाओं को कर्ताधर्ताओं द्वारा जिस तरह से पलीता लगाया जा रहा है और ये योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। इन भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिए लोगों को खुलकर आगे आना होगा इन भ्रष्टचारियों की पोल सबके सामने खोलनी होगी तभी उन्हें अपना हक मिलेगा। ऐसा ही उदाहरण कल नरवर की ग्राम पंचायत कालीपहाड़ी के गांव नयागांव में देखने को मिला। हुआ कुछ यूं कि नयागांव में उचित मूल्य की दुकान पर आया गरीबों के लिए सस्ता गेहूं को सेल्समैन नारायण रावत द्वारा लोडिंग वाहन में भरकर 49 क्विंटल गेहूं के बेचने की तैयारी थी तभी आदिवासी महिलाऐं राशन लेने आई तो उन्हें सेल्समैन ने भगा दिया। महिलाओं ने सेल्समैन पर मारपीट का भी आरोप लगाया। महिलाओं ने हिम्मत जुटाकर लोडिंग वाहन को जाने नहीं दिया और तुरंत डायर-100 को सूचना दे दी। महिला भावोबाई आदिवासी ने बताया कि जब हमने विरोध किया तो सेल्समैन ने महिलाओं से मारपीट कर दी। इस बात की जानकारी जब हमारी बस्ती में लगी तो सभी महिलाएं इकट्ठी हो गई और उन्होंने नारायण रावत को गांव के बाहर खदेड़ दिया। इसी बीच नायब तहसीलदार डीआर काकोडिया व खाद्य अधिकारी अभिषेक दुबे मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाकर मो जब्त कर लिया।
फूड अधिकारियों के फिक्स रहता है हिस्सा
सूत्रों की मानें में जिले में कई ऐसे फूड अधिकारी हैं जो सेल्समैन के साथ मिलकर राशन की कालाबाजारी करवाते हैं और बाजार में बिकवाकर अपना हिस्सा ले रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि जिनके कंधों पर योजना की सफलता की जिम्मेदारी है और जब उन्हीं के मन में बेईमानी होगी तो गरीबों को योजना का लाभ मिलना कैसे संभव हो सकेगा।






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