शिवपुरी। 2008 बैच की आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता की शिवपुरी कलेक्टर के रूप में तीसरी पोस्टिं

ग है। इसके पहले वह खण्डवा और मुरैना कलेक्टर के रूप में भी पदस्थ रह चुकी हैं, लेकिन दोनों जिलों में उनका कार्यकाल काफी कम रहा था। उनकी दबाव में न आने वाले अधिकारी के रूप में पहचान है। इसी वजह से वह अधिक समय तक कलेक्टर के रूप में पदस्थ नहीं रहीं।
शिल्पा गुप्ता कलेक्टर बनने से पहले खरगौन में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रह चुकी हैं। अप्रैल 2014 में उन्हें खण्डवा का कलेक्टर बनाया गया, लेकिन जहां राजनेताओं से उनकी पटरी बिल्कुल नहीं बैठी। स्थिति यह हुई कि खण्डवा के जिला पंचायत अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने उन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें हटाने की मांग की थी जिसके परिणामस्वरूप चार माह में ही अगस्त 2014 में उन्हें खण्डवा से हटाकर मुरैना कलेक्टर के रूप में पदस्थ कर दिया गया था, लेकिन मुरैना में भी वह महज 14 माह ही कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहीं। बताया जाता है कि सत्ता के दबाव में वह नहीं आती हैं और राजनेताओं से उनकी पटरी नहीं बैठती है। हालांकि काम करने की उनमें ललक है। देखना यह है कि जन समस्या से जूझ रही शिवपुरी में वह कितनी कारगर सबित हो पाती हैं।






Be First to Comment