Press "Enter" to skip to content

निजी कॉलेज वाले करते हैं परीक्षा में पक्षपात, जनसुनवाई में आईटीआई के छात्रों ने लगाया आरोप

शिवपुरी। नवागत कलेक्टर शिल्पा गुप्ता के पदभार ग्रहण करने के बाद आ

ज पहली जनसुनवाई उनकी अनुपस्थिति में एसडीएम श्री पाण्डे ने की। जिसमें आईटीआई के छात्र अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। जिन्होंने एसडीएम को बताया कि ज्ञानार्जन प्रायवेट आईटीआई से उन्होंने इलैक्ट्रिीशियन/स्टेनो ट्रेड की प्रायवेट परीक्षा लक्ष्मण सेठ प्रायवेट आईटीआई दिनारा परीक्षा केंद्र में दी। जिसमें पूछे गए अधिकांश प्रश्रों का हल किया गया, लेकिन मूल्यांकन पद्धति में त्रुटि होने के कारण सभी छात्रों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया जबकि ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों के परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रहे और प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से भी कम रह गया। लक्ष्मण सेठ प्रायवेट आईटीआई के  अतिरिक्त मां राजेश्वरी प्रायवेट आईटीआई को केंद्र बनाया गया था वहां पर भी छात्रों के साथ यही परिस्थितियां पैदा हुईं। पीडि़त छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी प्रायोगिक परीक्षा में उत्तीर्ण कराया जाए जिससे उनका भविष्य खराब होने से रूक सके। छात्रों की इस समस्या को गंभीरता से सुनते हुए एसडीएम श्री पाण्डे ने आईटीआई के प्राचार्य को जांच कराकर प्रतिवेदन भिजवाने का निर्देश दिया है।

जमीन का सीमांकन कराने दीवान ने लगाई गुहार 

एसपी ऑफिस में पदस्थ दीवान लालजीराम यादव ने अपनी रन्नौद के ग्राम भिलारी में स्थित 7 बीघा जमीन का पुन: सीमांकन कराने की गुहार लगाई। पीडि़त ने बताया कि उसकी पत्नि के श्यामकुंवर के नाम से सर्वे क्रमांक 326, 327, 328, 329, 330, 334 की जमीन स्थित है जिसमें पूर्व में उक्त जमीन का दो बार सीमांकन हो चुका है, परंतु पटवारी द्वारा अन्य लोगों से मिलकर उसकी सात बीघा जमीन को चार बीघा बताया जा रहा है। इसलिए उक्त जमीन का पुन: सीमांकन कराए जाने की मांग की गई है। जिस पर एसडीएम ने एसएलआर शिवपुरी को निर्देशित किया है कि जल्द से जल्द उक्त भूमि का सीमांकन कराया जाए। 

जनसुनवाई आमजन के लिए हुई मुश्किल, लगानी पड़ती हैं दो-दो लाइनें 

शिवपुरी में जनसुनवाई आमजन के लिए मुश्किल होती जा रही है। प्रति मंगलवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली जनसुनवाई में जनता को पहले लाइन में लगकर टोकन हासिल करना पड़ता है जिसमें उन्हें कम से कम एक घंटे का समय लगता है और टोकन प्राप्त होने के बाद फिर उन्हें जनसुनवाई की लाइन में खड़ा होना पड़ता है। हालांकि भीड़ भाड़ से बचने के लिए प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था की गई है, लेकिन यदि टोकन देने का काम सुबह 10 बजे से शुरू हो जाए तो जनता को परेशानी से काफी हद तक निजात मिल सकती है। टोकन वितरण का कार्य सुबह 11 बजे से शुरू होता है और इससे जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!