शिवपुरी। मई और जून में पडऩे वाली गर्मी इस समय यौवन पर आ गई है। तापमान बढ़कर लगभग 40 डिग्री पर पहुंच गया है। उमस बढ़ जाने से गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। गर्मी इस हद तक है कि पंखे तो पंखे कूलर भी फेल हो गए है। गर्मी के कारण एयरकंडिसनर की बिक्री बढ़ गई है। 25 मई से नवतपा प्रारंभ होंगे जो 2 जून तक चलेंगे। नवतपा में मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गर्मी का प्रकोप और बढऩे की आशंका है।
युवा ज्योतिषी विकासदीप शर्मा ने बताया कि नवतपा की अवधारणा सतयुग के समय की गणनाओं को लेकर बनाई गई है। उस समय अत्याधिक पेड़ और हरियाली का प्रभाव था। नवतपा के 9 दिन जब सूर्य सीधे पृथ्वी को 30 डिग्री से उपर तपा देता था तो उस काल में वर्षायोग अधिक बन जाता था। उस काल में प्रकृति में संतुलन था। जबकि आज लाखों पेड़ काट दिए गए है और लोग पेड़ों को लगा भी नहीं रहे हैं। जो वृक्ष लगाए भी जाते हैं वह पानी और सेवा के अभाव मेेंं नष्ट हो जाते है। इन सभी का असर गृहों और ज्योतिष के नियमों पर भी लगता है। आज 40 से 42 डिग्री तापमान हो जाता है। कभी-कभी 45 डिग्री को भी पार कर जाता है। इससे अधिक पृथ्वी क्या तपेगी जो नवतपा में तपती है। इस कारण कई बार नवतपा में बारिश हो जाती है और लोग मानते है कि इस बार वर्षा कम होगी। जबकि वर्तमान में इन नियमों में संशोधन की आवश्यकता है। 25 मई शुक्रवार से नवतपा प्रारंभ होंगे जो 2 जून तक चलेंगे। सूर्य का रोहणी नक्षत्र में प्रवेश होने से नवतपा प्रांरभ हो जाते है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार 1 नक्षत्र में सूर्य 15 दिन तक रहता है। जब सूर्य रोहणी नक्षत्र में आता है तो वह पृथ्वी के अधिक निकट होने के कारण अधिक तपता है। परंतु रोहणी नक्षत्र में सूर्य 8 जून तक रहेगा। कहा जाता है कि नवतपा में धरती अधिक तपती है और उसमें जो बीज डाला जाता है वह अंकुरित होकर फसल अच्छी होती है। यदि नवतपा मेेंं बारिश हो जाए तो अनुमान लगाया जाता है कि इस वर्ष वर्षा कुछ लेट होगी और फसल भी सामान्य होगी।





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