लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ जारी
शिवपुरी। शहर की लगभग आधी आबादी के साथ नगर पालिका द्वारा स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। फिल्टर प्लांट में जहां दूषित पानी का शोधन किया जाता है। उसके स्थान पर नगर पालिका सीधे अपने उपभोक्ता को नाले का मलमूत्र युक्त पानी सप्लाई कर रही है। दूषित पानी के इस्तेमाल की शिकायत उन क्षेत्रों के सैंकड़ों लोगों ने की है जहां फिल्टर प्लांट से टेंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई किया जा रहा है। नागरिकों ने बताया कि नलों के जरिए गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फिल्टर प्लांट से पिछले 7-8 दिनों से दूषित पेयजल की सप्लाई ब्लीचिंग के अभाव के कारण हो रही है। फिल्टर प्लांट से पानी फिजीकल पानी की टंकी, करौंदी संपवैल, कालीमाई, पुरानी शिवपुरी, हाथीखाना आदि क्षेत्र की टंकियों में सप्लाई होता है और टंकियों के द्वारा यह उपभोक्ता के घरों तक पहुंचता है। नगर पालिका ने वर्ष 2018-19 के लिए ब्लीचिंग पॉउडर सप्लाई करने का ठेका कृष्णा कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया है। तय दर के अनुसार ठेकेदार को वर्ष भर 2100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से नगर पालिका को ब्लीचिंग की सप्लार्ई करनी है। ठेकेदार ने 25 प्रतिशत ब्लीचिंग पॉउडर को इसी दर पर सप्लाई कर दिया। लेकिन इसके बाद सप्लाई करने में आनाकानी कर रहा है और नगर पालिका के पास ब्लीचिंग पॉउडर का स्टॉक भी नहीं है। बताया जा रहा है कि ब्लीचिंग पॉउडर की दर बढ़कर 2930 रूपए प्रति क्विंटल हो गई है। इस कारण ठेकेदार ब्लीचिंग पॉउडर सप्लाई करने में आनाकानी कर रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप वैकल्पिक व्यवस्था करने के स्थान पर नगर पालिका सीधे-सीधे बिना ब्लीचिंग पॉउडर इस्तेमाल किए पानी की सप्लाई कर रही है। ऐसी स्थिति में चांदपाठे से आने वाला पानी बिना फिल्टर हुए ही लोगों के घरों तक पहुंचाने का कार्य नगर पालिका पिछले कई दिनों से कर रही है और शहरवासी मलमूत्र उक्त पानी पीने को मजबूर हैं।
पहले हुआ लेकिन अब नहीं हो रहा दूषित जल सप्लाई : फिल्टर प्लांट प्रभारी
इस पूरे मामले में फिल्टर प्लांट प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने स्वीकार किया कि तीन-चार दिनों तक तो पॉउडर न होने के कारण ऐसे ही पानी सप्लाई करना पड़ा लेकिन उन्होंने कहा कि पॉउडर की खेप आ गई है जिससे अब शहर में फिल्टर युक्त पानी सप्लाई किया जा रहा है।
अभी भी दूषित पेयजल की सप्लाई जारी है
लेकिन मौके पर फिल्टर प्लांट पर जाकर जब देखा गया तो असलियत कुछ और निकली। हालांकि प्रभारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि अब ब्लीचिंग पॉउडर इस्तेमा कर पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। परंतु अभी भी गंदे पेयजल की सप्लाई जारी है। सप्लाई होने वाले पानी में तीव्र बदबू उठ रही थी और देखने में भी वह पानी प्रथम दृष्टि में दूषित नजर आ रहा था। इस पूरे मामले में जब सीएमओ गोविंद भार्गव से बात करने का प्रयास किया गया तो पहले तो उन्होंने फोन नहीं उठाया बाद में उनका मोबाईल बंद हो गया।
15 से 20 दिन तक ही मिल पाएगा चांदपाठे का पानी
फिल्टर प्लांट प्रभारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि घसारई में सिर्फ 15 से 20 दिन का पानी ही बचा है। इसके बाद शहर में पानी की सप्लाई नहीं की जा सकेगी। इसका मुख्य कारण पार से हो रहा पानी का रिसाव है। जिसे कई बार बंद कर दिया। लेकिन हर बार पार में छेद हो जाने से पानी रिस-रिस कर वहां से कम हो रहा है। चांदपाठे में भी कुछ स्तर तक ही पानी बचा है। जिसे फोरेस्ट के अधिकारियों ने वनजीवों के लिए बचाकर रखा है और वहां से घसारई तक पानी छोडऩे से इंकार कर दिया है।
इनका कहना है
मेरे पास दूषित पानी सप्लाई की शिकायत आई थी। जिसकी जानकारी लेने पर मुझे ज्ञात हुआ कि ब्लीचिंग पॉउडर की सप्लाई ठेकेदार द्वारा नहीं की गई है और पॉउडर न होने की स्थिति में फिल्टर प्लांट पर पानी साफ नहीं हो सका है। अगर वहां से बिना फिल्टर किए पानी लोगों के घरों तक पहुुंचा है तो यह बाकई में गंभीर मामला है। इस मामले में सीएमओ से चर्चा करूंगा और जो भी इसमें दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी
अनिल शर्मा, अन्नी नपा उपाध्यक्ष शिवपुरी
मैं अभी भोपाल में हूं और कल आकर मैं इस मामले को दिखवाऊंगी। अगर ऐसा हो रहा है तो मैं एक्शन लूंगी और दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल मामले में मैं सीएमओ से भी चर्चा करूंगी।
श्रीमती शिल्पा गुप्ता कलेक्टर शिवपुरी






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