Press "Enter" to skip to content

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी सुनी जा रही हैं आरटीआई अपीलें

सूचना आयुक्त आत्मदीप ने कहा -समय पर लोगों को सूचना मिले यही राज्य सूचना आयोग की मंशाजिलों तक पहुंच रहा है आयोग

शिवपुरी । सूचना के अधिकार के तहत लोगों को समय पर जानकारी मिलें और आयोग में लंबित अपीलों का जल्द से जल्द निराकरण हो इसलिए अब मप्र राज्य सूचना आयोग ने वीडिया कान्फ्र्रेंसिंग के जरिए भी प्रकरणों की सुनवाई शुरू की है और इससे प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। यह बात रविवार को मप्र राज्य सूचना आयोग के आयुक्त आत्मदीप ने पत्रकारों से चर्चा में कही। शिवपुरी आए सूचना आयुक्त आत्मदीप ने बताया कि वीडिया कान्फ्र्रेंसिंग से शासन के पैसों की बचत हो रही है और अपीलकर्ता को भी बार-बार भोपाल आने की जरूरत नहीं है। जिला मुख्यालय पर वीसी रूम से सीधे अधिकारी व अपीलकर्ता की उपस्थिति में प्रकरण का निराकरण किया जाता है जिससे अपीलकर्ता को सूचना अधिकार के तहत चाही गई जानकारी जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में आयोग ने लंबित अपीलों के निराकरण में तेजी लाई गई है और चार साल में 17 हजार से ज्यादा अपीलों को निराकरण किया गया है। इसके लिए लोक अदालत लगाई गई हैं साथ ही जिला स्तर पर भी आयोग के सदस्य जाकर लोगों की अपीलों के आधार पर सूचनाएं दिला रहे हैं। सूचना आयुक्त बनने से पहले आत्मदीप मप्र में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में सक्रिय रहे हैं। रविवार को शिवपुरी पहुंचने पर पत्रकार प्रमोद भार्गव, अशोक कोचेटा, अजय खेमरिया, रंजीत गुप्ता, व्यवसायी भरत अग्रवाल, यशवंत जैन, पूर्व नपा सीएमओ रामनिवास शर्मा सहित अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। 

कार्यशालाओं का किया जा रहा है आयोजन

राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने बताया कि आरटीआई कानून के बारे में जिले के अधिकारियों को आवश्यक जानकारी देने के लिए आयोग जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है। इसमें जिले के अधिकारियों को आरटीआई के कानून की मुख्य बातें, किस तरह जानकारी देना है आदि बातें बताई जाती हैं। इसके अच्छे परिणाम सामने आएं हैं और लोगों को आरटीआई के तहत जानकारियां मिल रही हैं।

*जिलों तक पहुंच रहा है आयोग

आयुक्त ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अब आयोग खुद जिला स्तर पर पहुंच लोगों को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में मदद कर रहा है। हर जिला स्तर पर आयोग के सदस्य जा रहे हैं और प्रकरणों की अपीलों का निराकरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे आमजन को मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और उच्च न्यायालय भी आरटीआई के दायरे में आते हैं। धारा 24 में साफ लिखा है कि भ्रष्टाचार और मानव अधिकार से जुड़ी जानकारी देना होंगी। इसलिए इन मामलों में यह जानकारी इन संगठनों व न्यायालय से ली जा सकती है। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!