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सेंट्रल जेल से पैरोल पर छूटकर आए कैदी ने करैरा बस स्टेण्ड पर तड़प-तड़पकर तोड़ दम, दहेज हत्या के मामले में काट रहा था सजा

शिवपुरी। करैरा बस स्टेण्ड पर बीती शाम ग्वालियर सेंट्रल जेल से पैरोल पर छूटकर आए एक कैदी ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। पत्नी की आत्महत्या के बाद ससुराल पक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों के बाद धर्मेंद्र को सजा हो गई थी। वह 6 मई को 15 दिन की पैरोल पर बाहर आया था, शायद वह वापस जेल में नहीं जाना चाहता था इसलिए उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था जिससे उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार करैरा बस स्टैंड पर बुधवार की शाम बस से उतरते ही एक यात्री ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची मौके पर पहुंची और शिनाख्त की। मृतक की जेब से आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों से उसकी पहचान धर्मेन्द्र कशवाह पुत्र बीरवल कुशवाह उम्र 27 वर्ष निवासी बस स्टैंड के पास नरवर के रूप में हुई। मृतक सेंट्रल जेल ग्वालियर से पैरोल पर छूटकर आया था। पत्नी की मौत की वजह से धर्मेंद्र दहेज हत्या के मामले में सजा काट रहा था। मृतक ने अपने बड़े भाई नरेन्द्र कुशवाह के नाम एक सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमें लिखा है कि मेरे बेटे का ख्याल रखना और खुशबू को मेरा चेहरा जरूर दिखाना। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि मृतक कैदी था और पैरोल पर छूटने के बाद वापस जेल नहीं जाना चाहता था। संभवत: इसी वजह से धर्मेंद्र ने जहर खाकर जान दे दी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। विवेचना अधिकारी आरएस गौड़ के मुताबिक मृतक धर्मेंद्र कशवाह 6 मई को पैरोल पर छूटकर आया था। 15 दिन बाद वापस जेल जाना था। लेकिन यह घर से गायब था। आज बस स्टैंड करैरा पर धर्मेंद्र का शव मिला है। जेब से दिल्ली से झांसी का ट्रेन का टिकिट मिला है। इसके बाद झांसी से करैरा तक बस से आया। बस में ही धर्मेंद्र ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी तबियत बिगडऩा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि बस से उतरते ही धर्मेंद्र गिर गया और तड़पने लगा। मौके पर खड़े लोग तमाशबीन बनकर नजारा देखते रहे। कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। करीब एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। 
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