रात
भर सक्रिय रहे नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा और पार्षद आकाश शर्मा, दोशियान
अधिकारियों से बातचीत कर जल सप्लाई के लिए किया उन्हें सहमत, आज दिया
दोशियान को भुगतान का आश्वासन


शिवपुरी। नगरपालिका
से भुगतान न होने के कारण दोशियान कंपनी द्वारा रोकी गई सिंध पेयजल सप्लाई
स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद आज पुन: बहाल कर
दी गई। सांसद सिंधिया के दूत नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा और पार्षद आकाश
शर्मा ने देर रात दोशियान महाप्रबंधक महेश शर्मा के निवास स्थान पर पहुंचकर
उन्हें जल सप्लाई के लिए सहमत किया। नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने उन्हें
आश्वासन दिया कि उनका जायज पेंमेट 2 जून की शाम तक कर दिया जाएगा। इसके बाद
रात में ही दोशियान ने मड़ीखेड़ा से सतनबाड़ा फिल्टर प्लांट के लिए सप्लाई
शुरू की और सुबह दोशियान का स्टाफ नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा तथा पार्षद
आकाश शर्मा के साथ सतनबाड़ा फिल्टर प्लांट पहुंचा जहां से शिवपुरी बायपास
के लिए पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई और सुबह 9 बजे ग्वालियर बायपास स्थित
हाईडेंट पर सिंध का पानी आ गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली तथा
यहां से टैंकरों के भरने का सिलसिला शुरू हो गया।
हुआ यह कि कल रात
नगरपालिका के रवैये के कारण यह स्थिति बन गई कि कल से सिंध के जल की सप्लाई
नहीं होगी और शहर में हाहाकार पूर्ण स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। इसके बाद
पार्षद आकाश शर्मा ने सांसद सिंधिया से मोबाइल पर बात कर उन्हें पूरी
स्थिति से अवगत कराया। तत्पश्चात श्री सिंधिया ने नपाध्यक्ष मुन्नालाल
कुशवाह को मोबाइल लगाया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उन्होंने
नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा से बातचीत की और उन्हें हिदायत दी कि सिंध के जल
की सप्लाई हर हालत में होनी चाहिए और अभी जाकर आप दोशियान के अधिकारियों
से बातचीत करें। इसके बाद नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा और पार्षद आकाश शर्मा
कुछ चुनिंदा पत्रकारों को लेकर दोशियान के प्रबंधक महेश मिश्रा के निवास
स्थान पर पहुंचे जो नगरपालिका के रवैये से खासे नाराज थे और उन्होंने इंकार
कर दिया कि वह पेयजल सप्लाई नहीं करेंगे, लेकिन उपाध्यक्ष ने उन्हें
सिंधिया की इच्छा से अवगत कराया तथा कहा कि उनका जायज पेंमेट कल तक अवश्य
हो जाएगा। इसलिए वह शिवपुरी की जनता को संकट में न डालें। इसका परिणाम यह
हुआ कि दोशियान अधिकारी महेश मिश्रा सहमत हो गए और गतिरोध सुलझ गया।
नपाध्यक्ष कुशवाह और सीएमओ भार्गव हो गए नदारत
नगरपालिका
अधिकारी दोशियान को लगातार दो दिन से उनको भुगतान का आश्वासन दे रहे थे।
दोशियान ने भुगतान न होने पर नगरपालिका को पेयजल सप्लाई रोकने का अल्टीमेटम
भी दे दिया था। दोशियान का कहना था कि पिछले पांच माह से नगरपालिका द्वारा
कोई भी भुगतान नहीं किया गया है। उन्हें नगरपालिका से 4 करोड़ रूपया लेना
है, लेकिन ढाई करोड़ रूपए के बिल तो उन्होंने नगरपालिका अधिकारियों को दे
दिए हैं। भुगतान न होने के कारण वह काफी संकट में हैं। कर्मचारियों को 10
माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। डीजल और पेट्रोल का लाखों रूपया भी
पेट्रोल पंप वालों को देना है। यहां तक कि ढाबे वाले को भी भुगतान किया
जाना है। कल दोशियान के अधिकारी और कर्मचारी नगरपालिका में पहुंचे तो
उन्हें नपाध्यक्ष कुशवाह और सीएमओ भार्गव ने कहा कि फाइल पर उपयंत्री
मिश्रा के हस्ताक्षर होने हैं और वह नगरपालिका कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
इसलिए उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनके घर जाकर फाइल पर दस्तखत
करा लेते हैं, लेकिन बताया जाता है कि रास्ते में ही नपाध्यक्ष कुशवाह और
सीएमओ भार्गव नदारत हो गए और उन्होंने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए। इस
स्थिति से खफा दोशियान ने कल से पेयजल सप्लाई बंद करने का निर्णय ले लिया।
दोशियान के कर्मचारियों ने नपाध्यक्ष कुशवाह और सीएमओ के घर पर जाकर भी
जमकर नारेबाजी की थी।
अधिकारी दोशियान को लगातार दो दिन से उनको भुगतान का आश्वासन दे रहे थे।
दोशियान ने भुगतान न होने पर नगरपालिका को पेयजल सप्लाई रोकने का अल्टीमेटम
भी दे दिया था। दोशियान का कहना था कि पिछले पांच माह से नगरपालिका द्वारा
कोई भी भुगतान नहीं किया गया है। उन्हें नगरपालिका से 4 करोड़ रूपया लेना
है, लेकिन ढाई करोड़ रूपए के बिल तो उन्होंने नगरपालिका अधिकारियों को दे
दिए हैं। भुगतान न होने के कारण वह काफी संकट में हैं। कर्मचारियों को 10
माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। डीजल और पेट्रोल का लाखों रूपया भी
पेट्रोल पंप वालों को देना है। यहां तक कि ढाबे वाले को भी भुगतान किया
जाना है। कल दोशियान के अधिकारी और कर्मचारी नगरपालिका में पहुंचे तो
उन्हें नपाध्यक्ष कुशवाह और सीएमओ भार्गव ने कहा कि फाइल पर उपयंत्री
मिश्रा के हस्ताक्षर होने हैं और वह नगरपालिका कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
इसलिए उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनके घर जाकर फाइल पर दस्तखत
करा लेते हैं, लेकिन बताया जाता है कि रास्ते में ही नपाध्यक्ष कुशवाह और
सीएमओ भार्गव नदारत हो गए और उन्होंने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए। इस
स्थिति से खफा दोशियान ने कल से पेयजल सप्लाई बंद करने का निर्णय ले लिया।
दोशियान के कर्मचारियों ने नपाध्यक्ष कुशवाह और सीएमओ के घर पर जाकर भी
जमकर नारेबाजी की थी।






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