कल यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर गई थीं और उन्होंने ग्राम साजापुर में स्कूल भवन का लोकार्पण किया। इसी बीच उनकी नजर उस पट्टिका पर पड़ी जिसमें राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आदि के नाम लिखे हुए थे। बच्चों के सामान्य ज्ञान के लिए यह स्कूल के शिक्षा विभाग ने लिखवाए थे। पट्टिका पर शिक्षामंत्री और प्रभारी मंत्री का नाम भी लिखा हुआ था, लेकिन उसमें जिले की मंत्री और शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया का नाम नहीं था। बैठक में यशोधरा राजे ने शिक्षाधिकारी परमजीत सिंह गिल से नाराजगी भरे स्वर में कहा कि मैं 1998 से शिवपुरी की विधायक हूं और अपनी माँ राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ 1989 से राजनीति में सक्रिय हूं। दो बार मंत्री रह चुकी हूं और अभी भी मंत्री हूं। इसके बाद भी मेरा नाम न होना यह मेरा अपमान है। उन्होंने कहा कि मैं सरदारों का सम्मान करती हूं, लेकिन जो मेरा सम्मान नहीं करता उसका मैं सम्मान नहीं करती। जवाब में शिक्षाधिकारी सफाई देते हुए और सॉरी बोलते हुए नजर आए।







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