शिवपुरी- गुना जिले के नानाखेड़ी क्षेत्र में 4 अप्रैल को राधा ट्रेडर्स कंपनी के मुनीम जितेंद्र शर्मा के साथ 8 लाख रुपए की लूट की गुत्थी शिवपुरी पुलिस की कार्यवाही के दम पर सुलझ गई हैं अन्यथा गुना पुलिस ने तो दो माह पूर्व हुई इस लूट के मामले में चार बेगुनाहों को आरोपी बना लिया था और इस कार्यवाही को सही माना जा रहा था। इसके लिए हमारे जिले के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडे, एड. एसपी कमल मौर्य, एसडीओपी कोलारस सुजीत सिंह भदौरिया सहित की उनकी टीम शाबाशी के काबिल है।
जानकारी के अनुसार शिवपुरी की कोलारस पुलिस ने 4 जून को अपने यहां हुई एक लूट का पर्दाफाश किया तो इसमें पकड़े गए दो आरोपी राजेश धाकड़ और नंदकिशोर धाकड़ ने गुना की लूट भी स्वीकार कर ली। गुना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने पहले भी फुटेज देखे थे लेकिन 2 माह पहले पकड़े चार आरोपी से मिलान नहीं किया जो आज बेगुनाह निकले। वहीं एक पुजारी सहित 6 आरोपी के इस कांड में शामिल होने के सबूत हाथ लगे हैं। इन्हीं के आधार पर गिरफ्तार कर इन्हें रिमांड पर लिया है। जिस तत्कालीन टीआई आशीष सप्रे ने गलत कार्रवाई की थी, उस पर विभागीय जांच बिठा दी, साथ ही बर्खास्तगी या डिमोशन की तलवार भी लटक गई है। इसी मामले में उमेश रघुवंशी जो आरोपी नहीं था के साथ मारपीट की गई। रघुवंशी समाज के विरोध के बाद टीआई श्री सप्रे, सब इंस्पेक्टर सहित 10 कर्मियों को निलंबित किया था।
जांच कराई तो मिले बेगुनाही के सबूत
गुना एसपी ने मामले की जांच थाना प्रभारी कैंट बलवीर मावई को सौंपी। जब तथ्य जुटाए तो परतें खुलती चली गईं। बांसखेड़ी मंदिर के पुजारी अरविंद्र शर्मा निवासी बेंहटा झिर और उसके साथ कमलू कुशवाह ने पूरी साजिश रची थी। उन्होंने ही खिरिया निवासी विक्रम धाकड़, कोलारस के उदली निवासी कल्ला धाकड़, म्याना के रिझई निवासी राजेश धाकड़ और बदरवास के चितरा निवासी नंद किशोर के साथ मिलकर वारदात अंजाम दी गई। जबकि पूर्व में पकड़े आरोपियों को झूठा फंसाया गया। इनके नाम इस वारदात से हटाए गए हैं।
इनका कहना है
हमने आरोपी पकड़े थे, पूछताछ में उन्होंने गुना में लूट करना स्वीकार किया था। हमने गुना पुलिस सहित आसपास के सभी जिलों की पुलिस को सूचित किया था। इसके बाद गुना पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर आरोपियों को ले गए थे।

हमने लूट के जो आरोपी पकड़े थे पूछताछ में उनसे कुछ क्लू गुना लूट के भी मिले थे उसके आधार पर गुना पुलिस को जानकारी दी गई। इस आधार यदि गुना पुलिस को लूट के सही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली है तो यह पुलिस के लिए अच्छी बात है।
सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी कोलारस






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