
शिवपुरी। जिले में 28 नवम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है जिसके लिए जिलेभर में 1527 पोलिंग हैं, जिन पर ड्यूटी देने के लिए रिजर्व दल सहित करीब 8 हजार कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इस संख्या में से करीब 80 फीसदी यानी 6 हजार कर्मचारी शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक ही रहेंगे। चुनाव ड्यूटी के लिए जहां तीन से चार दिन शिक्षकों को स्कूल छोड़कर ड्यूटी में जाना होगा। वहीं उससे पहले इसी माह चुनाव प्रशिक्षण भी होना है। विधानसभा चुनाव से पहले ही सरकारी स्कूलों पर इसका प्रभाव पडऩे लगा है। दरअसल चुनाव ड्यूटी में सबसे ज्यादा कर्मचारी शिक्षा विभाग के ही लगाए गए हैं। इस कारण स्कूलों में चुनाव ने अभी से पढ़ाई चौपट करना शुरू कर दिया है। पिछले 15 दिन से शिक्षकों को वीपीपैट का क्रमबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं स्कूलों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इनमें शिक्षक उलझकर रह गए हैं। स्कूलों का संचालन नाम मात्र के लिए हो रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि चुनाव का असर इस साल बच्चों की पढ़ाई पर व्यापक स्तर पर पड़ेगा।
अन्य विभाग भी अछूते नहीं
चुनाव का असर शिक्षा विभाग पंचायत, तहसील, महिला बाल विकास, कृषि, कोषालय, जिला पंचायत, पेंशन कार्यालय पर भी देखने को मिल रहा है क्योंकि इन विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को भी चुनाव से पहले तैयारियों के लिए बनाई गई समितियों में शामिल किया गया है। अधिकांश अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। इसलिए कार्यालयों में भी इन दिनों सामान्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।






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