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चुनाव आयोग की सख्ती: नेताओं के लिए मुश्किल हुआ उडऩखटोले में उडऩा

भोपाल। प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में हेलीकॉप्टर से चुनाव प्रचार करने के लिए राजनीतिक दलों ने इन कंपनियोंं से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जिसे देखते हुए हवाई कंपनियों ने किराए की दर बढ़ा दी हैं। साल भर का कोटा पूरे करने के लिए हवाई कंपनियां चुनावी समर में किराया बढ़ा कर अपना टारगेट पूरा करना चाहती हैं। क्योंकि देश के पांच राज्यों में चुनाव हैं तो हेलीकॉप्टर की मांग भी बढ़ गई है। एमपी में बीजेपी ने चार और कांग्रेस ने दो हेलिकॉप्टर के लिए इंक्वारी की है। 
लिहाजा बीजेपी हो या फिर कांग्रेस दोनों दल एवीएशन कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन उनके इरादों पर चुनाव आयोग के आदेश पानी फेर रहे हैं। दरअसल, आयोग ने उम्मीदवारों के खर्च पर सीमा तय कर दी है। चुनाव प्रचार में खर्च की जानकारी आयोग को देनी होगी। ऐसे में जो खर्च हेलीकॉप्टर को किराए पर लेने का है वह इस तय सीमा से बाहर जा सकता है। चुनाव के लिए वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत ट्विन इंजन वाले ही हेलीकॉप्टर होना अनिवार्य है। इसका किराया ढ़ेड लाख से लेकर 3 लाख तक है। 

प्रदेश में हेलीकॉप्टर की कमी को देखते हुए राजनीतिक दल दिल्ली का रूख कर रहे हैं। एमपी में ऐसा कोई ऑपर्टर नहीं है जो ट्विन इंजन के हेलिकॉप्टर मुहैया करवाता हो। इसलिए इन दलों को दिल्ली का रूख करना पड़ रहा है। डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार वीआईपी और मुख्यमत्री, राज्यपाल को सिंगल इंजन वाले चॉपर में यात्रा नहीं कर सकते। उनके लिए ट्विन इंजन होना अनिवार्य है। सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर ढ़ेड लाख रूपए प्रति घंटे की दर से मिलता है। जबकि, ट्विन इंजन चॉपर 1.3 लाख से 1.5 लाख प्रति घंटे की दर से मिलता है। क्योंकि अभी चुनाव का समय है ऐसे में कंपनियोंं ने ये दरें तीन लाख तक कर दी हैं। महाराष्ट्र की एक कंपनी के अधिकारी ने बताया कि चुनाव के समय चॉपर का किराया तीन लाख प्रति घंटे के हिसाब से हो जाता है। कुछ तो अगस्ता ब्रांड के जितने महंगे हो जाते हैं। 
चॉपर के किराए को लोकर राजनीतिक दलो की चिंता बढ़ गई है। असल में इस बार चुनाव आयोग ने प्रत्याशियोंं के खर्च को लेकर सीमा तय कर दी है। साथ ही दरें भी बता दी गईं हैं। प्रति उम्मीदवार 28 लाख तय कर दिया है। साथ ही उम्मीदवारों को प्रति दिन का खर्च का ब्यौरा भी आयोग को रिपोर्ट बनाकर देना होगा। आयोग ने एयरक्राफ्ट कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वह राजनीतिक दलों द्वारा लिए गए हेलीकॉप्टर की जानकारी देना होगी।
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