शिवपुरी। कोलारस विधानसभा क्षेत्र में भैरो तालाब की पार को प्रशासन द्वारा तोडऩे से खफा होकर एक दर्जन गांवों के किसानों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब के पानी को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद में एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से प्रशासन ने तालाब की पार को जेसीबी से तोड़ दिया है जिसके चलते आगामी समय में आसपास के क्षेत्र में गर्मियों के दिनों में पीने के पानी की समस्या के साथ-साथ मवेशियों को भी पानी की कमी होगी। इससे खिन्न होकर ग्राम पंचायत राई, किलावनी, भैंसदा, सिंघारपुर, बेसारी सहित एक दर्जन गांव के किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है। ग्रामीणों का कथन है कि प्रशासन ने हमारा पक्ष सुने बिना ही तालाब फोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि तालाब की पार यदि नहीं बनाई गई तो हम मतदान करने भी नहीं जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस तहसील मुख्यालय से पश्चिम दिशा में लगभग 10 किमी दूरी पर स्थित भैरोबाबा तालाब स्टेट काल में बनवाया गया था जिसमें जल भराव की असीम संभावना थी, परंतु पिछले कुछ सालों से क्षेत्र में अच्छी बरसात न होने के कारण तालाब में पानी नहीं भरता था जिसके चलते धीरे-धीरे ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर लिया था और वे खेती करने लगे थे। आरोप है कि कुछ हिस्से में प्रशासन ने सांठगांठ कर लोगों को पट्टे भी आबंटित कर दिए थे। तालाब की भराव की भूमि को संरक्षित न कर पाना प्रशासन की सबसे बड़ी नाकामी रही।
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25 गांवों को मिलता है तालाब से लाभ
भैरो बाबा तालाब में भरे पानी से आसपास के भैंसदा, सिंघारपुर, राई, बूृढ़ी राई, किलावनी, गुनाटोरी, कांकरा, पिछोर, रोहानी, पहाड़ा, उदली, बड़ाहर, नेरवार, बचोरिया, मढ़ी, सेमई, टोर, भैरोपुरा, सोनपुरा आदि गांवों में वाटर लेवल बना रहता है, लेकिन ग्रामीणों का कथन है कि तालाब की पार टूटने से इन गांवों का वाटर लेवल कम होगा जिससे ही उनमें नाराजगी बनी हुई है। भैरो राई तालाब के पानी से लाभान्वित किसान रामवरण गुर्जर, सुधांशु पाठक, अवतार गुर्जर, कमलकिशोर, रामवीर गुर्जर, चंदू, पंजाब, अरविन्द गोस्वामी, घनश्याम गोस्वामी, गुड्डू गोस्वामी, निरपाल, जगदीश गुर्जर, सीताराम आदिवासी, हरभान आदिवासी, ईश्वर आदिवासी, खचेरा जाटव, सुमेरा जाटव, देवीलाल जाटव, भरत जाटव, कैलाश सिंह, बृजभान, सुरपाल गुर्जर, नीलम गुर्जर, कारजा सरदार, फौजी जाट आदि किसानों ने मतदान का बहिष्कार करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस तहसील मुख्यालय से पश्चिम दिशा में लगभग 10 किमी दूरी पर स्थित भैरोबाबा तालाब स्टेट काल में बनवाया गया था जिसमें जल भराव की असीम संभावना थी, परंतु पिछले कुछ सालों से क्षेत्र में अच्छी बरसात न होने के कारण तालाब में पानी नहीं भरता था जिसके चलते धीरे-धीरे ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर लिया था और वे खेती करने लगे थे। आरोप है कि कुछ हिस्से में प्रशासन ने सांठगांठ कर लोगों को पट्टे भी आबंटित कर दिए थे। तालाब की भराव की भूमि को संरक्षित न कर पाना प्रशासन की सबसे बड़ी नाकामी रही।
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25 गांवों को मिलता है तालाब से लाभ
भैरो बाबा तालाब में भरे पानी से आसपास के भैंसदा, सिंघारपुर, राई, बूृढ़ी राई, किलावनी, गुनाटोरी, कांकरा, पिछोर, रोहानी, पहाड़ा, उदली, बड़ाहर, नेरवार, बचोरिया, मढ़ी, सेमई, टोर, भैरोपुरा, सोनपुरा आदि गांवों में वाटर लेवल बना रहता है, लेकिन ग्रामीणों का कथन है कि तालाब की पार टूटने से इन गांवों का वाटर लेवल कम होगा जिससे ही उनमें नाराजगी बनी हुई है। भैरो राई तालाब के पानी से लाभान्वित किसान रामवरण गुर्जर, सुधांशु पाठक, अवतार गुर्जर, कमलकिशोर, रामवीर गुर्जर, चंदू, पंजाब, अरविन्द गोस्वामी, घनश्याम गोस्वामी, गुड्डू गोस्वामी, निरपाल, जगदीश गुर्जर, सीताराम आदिवासी, हरभान आदिवासी, ईश्वर आदिवासी, खचेरा जाटव, सुमेरा जाटव, देवीलाल जाटव, भरत जाटव, कैलाश सिंह, बृजभान, सुरपाल गुर्जर, नीलम गुर्जर, कारजा सरदार, फौजी जाट आदि किसानों ने मतदान का बहिष्कार करने की मांग की है।
इनका कहना है
ग्राम राई के तालाब में किसानों की फसल डूबने की जानकारी मिली थी और तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था। ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्कार करने का मामला आपके द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है मैं खुद जाकर दिखवाता हूं कि क्या मामला है।
आशीष तिवारी एसडीएम कोलारस





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