अवैध संबंधों के चलते हत्या का पुलिस ने किया खुलासा
गुना। तीन दिन पूर्व ८ जनवरी को कैंट थाना अंतर्गत मिली लाश के मामले में कैंट पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया। अवैध संबंधो को लेकर यह हत्या की गई थी। मामले में पहली बार सुपारी लेकर हत्या करने वाले दो आरोपी भी पकड़ लिए गए हैं।
प्रेस वार्ता में डीएस पी बीपी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कैंट थाना अंतर्गत कंचनपुर पहाडयि़ा पर ८ जनवरी को एक अज्ञात लाश मिली थी। लाश
को देखने पर प्रथम दृष्टया लग रहा था की हत्या की गई है। हालांकि लाश के सड़ जाने से उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। लाश की तलाशी के दौरान उसके
आधारकार्ड, आई कार्ड मिलने पर उसकी पहचान कल्लू उर्फ कालूराममीणा निवासी बमोरी के रूप में हुई। पीएम रिपोर्ट एवं परिस्थितियों साक्ष्यों के आधार पर कल्लू मीना की हत्या की पुष्टि हुई। कालू मीणा वर्तमान में गुना में निवासरत था। इसी आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच शुरू की और जांच में पाया कि यह पूरा मामला अवैध संबंधों के चक्कर में हु आ है। कैंट पुलिस ने जब कालूराम मीणा के निवास
ग्राम बमोरी में पूछताछ की तो ज्ञात हुआ कि कालु मीना राठौर एक विधवा महिला शकुन बाई अहिरवार के साथ अवैध रूप से रह रहा था। उक्त महिला के मोहन कॉलोनी के मलकीत सिंह सरदार से भी अवैध संबंध थे। इसी कारण सरदार मलकीत सिंह ने आरोपियों को कालू मीना को सबक सिखाकर डरा धमकाकर महिला से दूर रहने के लिए पैसे दिए थे।
जैसे-जैसे आगे बढ़ी पुलिस की जांच में सबसे पहले शगुन बाई आई, शगुन बाई बमोरी कीरहने वाली है और एक साल से मृतक कल्लू के साथ अवैध रूप से रह रही
थी। इस पूरे मामले को सायवर सेल प्रभारी मसीह खान ने गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाली और घटना की कडियां पूरी तरीके से जोड़ दी।
पुलिस पूछताछ में सरदार मलकीत में सारा रहस्य उजागर करते हुए बताया कि शगुन बाई से अवैध संबंध थे। इसी चक्कर में मलकीत ने चार आरोपियों को ४०
हजार की सुपारी देकर कल्लू मीना की हत्या की योजना बनाई। मलकी सरदार से कड़ी पूछताछ करने पर पता चला कि मलकीत सरदार ने ४० हजार में आविद, रईस
एवं उसके दोस्तों को कल्लू मीना की हत्या का ठेका दिया था। रईस, इब्राहिम मृतक कल्लू मीना को नीली पलसर पर बैठाकर श्रीरामकॉलोनी वाली कलारी पर पहुंचे और वहां उसको शराब पिलाई और उसके साथ मारपीट भी की। वहीं पर रईन ने फोन कर अपने दोस्त आबिद, छोटू और राहुल भोपाली को वहीं पर बुला
लिया। इसके बाद आरोपी कालू को बिठाकर रेलवे रोड पर ले गए और आरोपियों ने कंचनपुरा पहाडिय़ा पर कल्लू मीना की हत्या कर दी। आरोपियों में सरदार
मलकीत सिंह रामपुर, रईस उर्फ नौशाद खान पुत्र निसार खान ३२ साल निवासी वार्ड ३ साहू धर्मशाला के सामने दुर्गा कॉलोनी हाल कैंची कारखाने के पीछे
सैयदपुरा गुना, आविद पु़त्र कल्लू खान २६ निवासी रसीद कॉलोनी, इब्बू उर्फ इब्राहिम २८ वर्ष निवासी बूढे बालाजी व राहुल भोपाली को गिरफ्तार कर लिया।
बिल्डिंग के नीचे चाय की दुकान चलाता था कालू
सरदार मलकीत सिंह ने शगुना बाई को सौम्या मॉल के सामने एक कमरा किराए पर दिलवाया हुआ था। उसके महीने का खर्च भी सरदार ही उठाता था। वहीं कालू मीना उसी बिल्छिंग में नीचे चाय की दुकान चलाता था और वहीं पर रहता था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती बढ़ी और महिला के साथ उसके संबंध बने। पूछताछ में सरदार ने बताया कि कई बार जब वह शगुन बाई से मिलने गया तो कालू मीना को उसके घर पर पाया। इसी से उसे कालू पर शक हुआ और उसने आरोपियों को कालू को डरा धमकार शगुन से दूर रहने के लिए सुपारी दी। सरदार ने तीन किश्तों में आरोपियों को पैसे दिए। पहली किश्त में पांच हजार, दूसरी बार में १०हजार और फिर बाकि की रकम काम होने के बाद आरोपियों को सौंपी गई। इसके लिए सरदार ने अपना पुराना ट्रेक्टर ३५ हजार रूपये में गिरवी रखा। मामले को सुलझाने में कैंट टीआई उमेश मिश्रा सहित, सायबर सेल प्रभारी मसीह खान,एसआई बीएल गोलिया, सुरेन्द्र सिंह वैश्य की मुख्य भूमिका रही।






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