बेटी ने ही दर्द सहाए दर्दों में मर्द बनाती है -shivpuri news

आगमन संस्था द्वारा बालिका दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन
शिवपुरी। आगमन संस्था शिवपुरी के संयोजन मे गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या और बालिका दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन छत्री मंदिर गुरुद्वारा चौराहा पर हुआ, जिसमें सर्व प्रथम सरस्वती वंदना कवियत्री वैशाली पाल द्वारा कर आयोजन का शुभारंभ हुआ। कवि महेश महाकाल ने देश भक्ति से ओतप्रोत कविता पढ़ते हुए सुनाया एक तिरंगा मेरी चिता के संग लगा देना, जिसे सुनकर श्रोताओं में जोशिला अंदाज मे पूर्ण समर्थन दिया। अगले कवि अजय जैन अविराम ने बेटी पर केंद्रित अपनी रचना पढ़ा बेटी ने ही दर्द सहाए दर्दों में मर्द बनाती है, रूखा सूखा जो भी हो मां बाप को पहिले खिलाती है, इस बेहद मर्मस्पर्शी कविता को सुनकर वहां उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर तालिया देकर खूब सराहना दी। संस्था के वरिष्ठ कवि राकेश मिश्रा ने अपनी कविता में कहा कब तक होगी धरा कलंकित होती इन हत्याओं से, पूछ रही हैं आज बेटियां अफसर और नेताओं से, व्यवस्था को कचोटती रचना को भरपूर तालियां मिली, कवि प्रमोद भर्ती ने पिता के लिए समर्पित अपनी रचना पढ़ी तो वहां उपस्थित श्रोताओं की आंखे नम हुए बिना नही रही। कवियत्री वैशाली पाल ने अपने काव्य पाठ मे भारत की अखंडता को कामना करते हुए सुनाया। दुश्मन के टुकड़े-टुकड़े कर दो, पर भारत को भारत रहने दी, श्रोताओं की तालियों ने पूरे माहौल को गरिमा प्रदान की। आगमन संस्था की ओर से सभी श्रोताओं और आयोजकों का आभार प्रदर्शन कर आयोजन के समापन की घोषणा कर सभी को धन्यवाद प्रेषित किया।