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दिनारा थाना क्षेत्र में प्रशासन के संरक्षण में चल रहे हैं अवैध कारोबार | Dinara News

गली गली मजरों मजरों में विक रही है शराव और बोतलों में हो रहा पेट्रोल व डीजल का काला कारोबार 


नदियों से निकल रही है अवैध वजरी चल रहे हैं अवैध वाहन 




रानू राजपूत ÷दिनारा -शिवपुरी जिले के करैरा विकास खंड के दिनारा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत छितीपुर में  नदियों से रात दिन अवैध रुप से जे सी वी और मजदूरों द्वारा प्रशासन के सहयोग से वजरी का अवैध उत्खनन किया जा रहा छितीपुर ग्राम में नदी में से और नदी किनारे के खेतों में से जे सी वी मशीन और मजदूरों द्वारा रात दिन अवैध वजरी का उत्खनन किया जा रहा डम्फर और ट्रेकटरों द्वारा शहरी क्षेत्रों में परिवहन किया जा रहा है और प्रशासन मौन है। इसी तरह से आबकारी विभाग की खामोशी से जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर  खुलेआम बोतलों में पेट्रोल व डीजल बिक रहा है. बंद बोतलों में पेट्रोल व डीडल में मिलावट कर धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है. लेकिन प्रशासन मौन है, जिला से लेकर प्रखंड तक के जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं. जांच-पड़ताल नहीं होने से बिक्री करने वालों के हौसले बुलंद हैं. नियमानुसार बिना वाहन के बोतल और केन में पेट्रोल भरकर ले जाना व उसकी बिक्री करना अवैध है. पंप संचालकों को बोतल में पेट्रोल नहीं देना है

हां अगर कोई ज्यादा मजबूरी है या वाहन पेट्रोल की वजह से कुछ दूरी पर बंद हो गया तो, दिया जा सकता हैं. लेकिन पेट्रोल पंपों पर तैनात सेल्समैन नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल बेच रहे है. ऐसा करना कालाबाजारी की श्रेणी में आता है. सबसे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र से प्रखंड मुख्यालय तक अधिकारियों का भी आना-जाना होता हैं, फिर भी किसी तरह की कार्रवाई न होना समझ से परे है.वहीं दूसरी ओर हर मजरे टोले और थाना क्षेत्र के गाँव गाँव में शराव पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में विक रही है।इस कारण से आपसी झगड़े भी वड रहे हैं।

क्या कहते लोग 


बाजारों में ऐसे होता है मिलावट का खेल

जानकारी के अनुसार नकली पेट्रोल बनाने में सल्वेंट नामक केमिकल का रंग का प्रयोग किया जाता है. वही आज कल इसका प्रयोग डीजल में भी हो रहा है. कारोबारी एक लीटर असली पेट्रोल में दो लीटर पेट्रोल तैयार करते है. इसका प्रमाण नकली पेट्रोल रखे खाली बोतल का रंग देखकर भी लगाया जा सकता है. इस वजह से प्रायः अगलगी की घटना होते रहती है. साथ ही नकली पेट्रोल व डीजल का कारोबार फल फूल रहा है.

हमेशा बनी रहती है हादसे की आशंका

सड़क किनारे के साथ ही अब तो, दुकानों में भी लोग पेट्रोल रखकर इस तरह बेच रहे हैं. जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लगता है प्रशासन भी किसी बड़े हादसे का ही इंतजार कर रहा है. मोटर वाहन मिस्त्री की माने तो, बोतल बंद पेट्रोल में 30 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक की मिलावट की जाती है. जिस कारण प्रदूषण का भी स्तर बढ़ जाता है ।

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