क्या किसी मौत के बाद ही होगी उपकार मल्टी क्लीनिक कार्यवाही ?
स्लग –बीमारों की जान से खेल रहे हैं मौत के सौदागर डॉक्टर के पास नहीं है एमबीबीएस की डिग्री बिना अनुमति के मेडीकल स्टोर से लेकर पैथॉलोजी के साथ संचालित हो रहा अस्पताल स्वस्थ युवक को बना दिया मलेरिया का मरीज जाँच में जिसके हस्ताक्षर वह मिला गायब डॉक्टर के पास नहीं है एमबीबीएस की डिग्री शिवपुरी। कोलारस अनुविभाग कोलारस सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं। यहां बिना किसी डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं है। जानकारी होने के बावजूद भी इन झोलाछापों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। तमाम शिकायतों के बाद राजएक्सप्रेस की टीम ने कोलारस में एक मल्टी क्लीनिक के नाम से संचालित अस्पताल का स्टिंग ऑपरेशन किया। टीम द्वारा प्रायोजित तरीके से अपना ऑपरेशन प्रारंभ किया। इस दौरान टीम द्वारा अपने साथी अनिल धाकड़ उर्फ रामकुमार को मरीज बनाकर अस्पताल में भेजा। अस्पताल में मौजूद दिलीप धाकड़ से कहा कि उसे सिर दर्द और ठंड की शिकायत है। इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल बीपी चैक किया एवं तुरंत दो ब्लड चैक लिख दिए। ब्लड टेस्ट लिखते ही मरीज ने डॉक्टर ने कहा कि यहां कोई पैथोलॉजी नहीं है मैं शिवपुरी में जाँच करा लूं। इस पर डॉक्टर साहब ने फटाक से जबाव दिया। हमारे यहां पैथोलॉजी, मेडीकल से लेकर सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर ने तो यहां तक कहा कि हमारे यहां तो लोग डेंगू का इलाज कराने ग्वालियर तक से आते हैं। इस संबंध में जब कोलारस बीएमओ डॉ. अल्का त्रिवेदी से संपर्क करना चाहता तो उनका मोबाइल लगातार बंद जा रहा था। फास्टसमचार के लिए सुनील रजक की रिपोर्ट
via YouTube https://youtu.be/3Xv4yAB5nv4





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