
धर्म और अधर्म को लेकर कथावाचक महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को बांटा ज्ञान
शिवपुरी-जब जब मनुष्य अपने धर्म से पतित हो जाता है एवं मन माना आचरण करने लगता है और धर्म का त्याग करके अधर्म के रास्ते पर चलने लगता है तो भगवान मनुष्य को सही रास्ते पर लाने के लिए एवं धर्म कर्म का ज्ञान देने के लिए आते हैं और जो मनुष्य शास्त्रों का त्याग करके पुराणो का त्याग करके एवं अपने मानव धर्म को भूल कर के राक्षसों जैसा आचरण करने लगता है तो परमात्मा को नाना रूपों में आकर के उसको सत मार्ग पर लाते हैं और दुष्टों का नाश करते हैं। उक्त प्रवचन लुकवासा के समीप ग्राम आनंदपुर में चल रही भागवत कथा में कृष्ण जन्म उत्सव के दौरान ओम नम: मिशन शिवपुरी के आचार्य बृजभूषण महाराज ने दिए और बताया कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव प्रसन्न रहना चाहिए कि जो मनुष्य अपने जीवन में प्रसन्न रहता है वही अपने जीवन का आनंद ले सकता है जो मनुष्य चिंता में डूबे हैं अन्य आशाओं में जी रहे हैं ऐसे मनुष्य का जीवन व्यर्थ ही चला जाता है और एक कामना की पूर्ति हो नहीं पाती, तब तक दूसरी इच्छा रखने लग जाते है इस प्रकार मनुष्य की इच्छा पूर्ति कभी नहीं हो सकती और उसका जीवन कभी सुखी नहीं हो सकता है तो व्यक्ति को भगवान की शरण में आए भागवत गीता जी सुने, राम कथा सुने एवं सत्संग करके अपने जीवन को आनंदमय बनाएं। इन आयोजनों के माध्यम से एक ही उद्देश्य है मनुष्य सदा प्रसन्न रहें और सब को प्रसन्न रखें। कथा का आयोजन 27 अप्रैल तक रहेगा। सभी धर्मप्रेमीजनों से आग्रह है कि कथास्थल ग्राम लुकवासा के आनंदपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाऐं।






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